रूस के इस दावे पर यूक्रेनी अधिकारियों ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। रूस की बहुत बड़ी सेना ने पूर्वी मोर्चे पर एक साल तक लगातार अभियान चलाया है, जिससे धीरे-धीरे यूक्रेनी बलों की पकड़ उसके अपने गढ़ों पर ढीली हो गई है।
इस महीने के अंत में युद्ध अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। हालांकि, केवल एक छोटी सी बस्ती बेरेजिवका पर कब्जा करने से रूस का दोनेत्स्क क्षेत्र में अभियान आगे बढ़ेगा। हालांकि, इस पर कब्जा के लिए मॉस्को को सैनिकों और उपकरणों के लिहाज से भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन क्रेमलिन को इससे फायदा हुआ है।
आक्रामक अभियान के तहत रूसी सेना 1,300 किलो के ग्लाइड बम, तोपखाने, मिसाइलों और ड्रोन की शक्ति से बस्तियों को कुचल देती है, फिर इन क्षेत्रों के सैनिकों पर हमला करने के लिए पैदल सेना को भेजती है।
रूस दोनेत्स्क और पड़ोसी लुहांस्क के सभी हिस्सों पर नियंत्रण करना चाहता है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर यूक्रेन के डोनबास औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण करते हैं।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी रूस के चार क्षेत्रों में शनिवार रात तक 40 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को ने शनिवार रात तक यूक्रेन में 70 ड्रोन भेजे, लेकिन उसकी वायुसेना ने 33 ड्रोन नष्ट कर दिये और 37 अन्यत्र गुम हो गए संभवतः इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम किये जाने के कारण।
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