नयी दिल्ली, 20 सितंबर रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे बढ़कर 83.08 (अस्थायी) पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले डॉलर के कमजोर होने से रुपये को मजबूती मिली।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि मुद्रा बाजार में अस्थिरता को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक के ‘हस्तक्षेप’ से भी घरेलू मुद्रा को मदद मिली।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.22 पर मजबूत खुला और दिन के कारोबार में 83.27-83.06 के दायरे में रहा।
कारोबार के अंत में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.08 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 24 पैसे की बढ़त दर्शाता है।
रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 83.32 पर बंद हुआ था। मंगलवार को ‘गणेश चतुर्थी’ के अवसर पर मुद्रा बाजार बंद थे।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक) जतीन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में हालिया वृद्धि ने मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयान में इन चिंताओं का समाधान किए जाने की संभावना है।’’
उन्होंने अनुमान जताया कि आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 82.75-83.35 के दायरे में रहेगा।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 104.68 पर पहुंच गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.19 प्रतिशत गिरकर 93.19 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।
घरेलू शेयर बाजारों में बीएसई सेंसेक्स 796 अंक या 1.18 प्रतिशत गिरकर 66,800.84 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 231.90 अंक या 1.15 प्रतिशत गिरकर 19,901.40 पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को शुद्ध रूप से 1,236.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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