विदेश की खबरें | यूक्रेन युद्ध पर रूस के साथ ऐतिहासिक वार्ता के साथ रुबियो की यूएई यात्रा संपन्न
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर व्यापक पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद अमेरिका और रूस के बीच यह पहली उच्च स्तरीय वार्ता थी।

रुबियो की अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका भी गाजा पट्टी में इजराइल और उग्रवादी समूह हमास के बीच अस्थिर युद्धविराम को जारी रखने का प्रयास कर रहा है।

यूएई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में कूटनीतिक रूप से इजराइल को मान्यता दी थी। रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली में मध्यस्थता करने में भी उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को शेख मोहम्मद से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक बयान में कहा, ‘‘रुबियो ने बैठक में यूएई को रिश्ते को मजबूत बनाने और इसे बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया, जिसमें मजबूत आर्थिक संबंध, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता में आपसी हित शामिल हैं।’’

ब्रूस ने कहा कि बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, गाजा पट्टी, सीरिया, लेबनान और लाल सागर पर चर्चा हुई, जो गाजा युद्ध विराम तक यमन के हूती विद्रोहियों के हमले का केंद्र रहा था।

यूएई के बयान में रुबियो, शेख मोहम्मद और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच बैठक के दौरान गाजा पट्टी और फलस्तीनियों पर टिप्पणियों के संदर्भ में ध्यान केंद्रित किया गया। नेताओं के बीच ये वार्ता लगभग 30 मिनट तक चली।

सरकारी ‘डब्ल्यूएएम’ समाचार एजेंसी ने बताया कि शेख मोहम्मद ने रुबियो से कहा था कि ‘‘यूएई गाजा से फलस्तीनी लोगों को विस्थापित करने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करता है।’’

ट्रंप ने कहा है कि वह गाजा को अपने कब्जे में लेकर वहां पुननिर्माण करना चाहते हैं और वहां की 20 लाख से अधिक फलस्तीनियों की आबादी को स्थायी रूप से हटाना चाहते हैं।

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