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Tamil Nadu: दो व्यापारिक समूहों के खिलाफ छापेमारी के दौरान 250 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला

आयकर विभाग ने तमिलनाडु में सिल्क साड़ियों के व्यापार और चिटफंड में शामिल दो कारोबारी समूहों के खिलाफ छापेमारी के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को यह जानकारी दी.

Tamil Nadu: दो व्यापारिक समूहों के खिलाफ छापेमारी के दौरान 250 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला
इनकम टैक्स (Photo Credits: Pixabay)

नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर : आयकर विभाग ने तमिलनाडु में सिल्क साड़ियों के व्यापार और चिटफंड में शामिल दो कारोबारी समूहों के खिलाफ छापेमारी के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को यह जानकारी दी. पांच अक्टूबर को कांचीपुरम, वेल्लोर और चेन्नई में 34 स्थानों पर तलाशी ली गई. सीबीडीटी ने कहा कि चिट फंड के व्यापार में शामिल समूह एक अनधिकृत कारोबार चला रहा था और पिछले कुछ वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक के सभी निवेश और भुगतान पूरी तरह से नकद में किए गए थे. सीबीडीटी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, समूह ने कथित तौर पर कमीशन और लाभांश के माध्यम से बेहिसाब आय अर्जित की थी. सीबीडीटी ने कहा, ''समूह ने नकद वित्तपोषण से बेहिसाब ब्याज आय अर्जित कर बेहिसाब निवेश और खर्च किया था.''

सीबीडीटी आय

कर विभाग के लिए नीति तैयार करता है. बोर्ड ने कहा कि समूह के सदस्यों के स्वामित्व वाली संपत्तियों में महलनुमा घर और फार्म हाउस शामिल हैं. बयान में कहा गया है कि 1.35 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और 7.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए और 150 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला. रेशम साड़ियों के व्यापार में शामिल समूह के बारे में जानकारी देते हुए सीबीडीटी ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान इसकी बिक्री में कमी के सबूत मिले हैं. बयान में दावा किया गया है कि एक कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के माध्यम से बिक्री के आंकड़ों में हेराफेरी का पता चला है. यह भी पढ़ें : Maharashtra Bandh: किसानों के समर्थन में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने बुलाया महाराष्ट्र बंद, आज रात 12 बजे से जारी

बोर्ड ने आरोप लगाया, ''इस तरह के जोड़तोड़ के बाद, समूह के सदस्य नियमित रूप से बेहिसाब नकदी निकालते थे, और भूमि और भवनों में बेहिसाब निवेश करते थे.'' सीबीडीटी ने कहा कि समूह के सदस्य ऐशो-आराम की जीवन शैली पर भारी नकदी खर्च करते थे. वे नकद ऋण देते थे / चुकाते थे और चिट फंड आदि में निवेश करते थे.'' बयान में कहा गया है कि 44 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और 9.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए और इस समूह में अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2021 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).