देश की खबरें | रूपमती, बाज बहादुर की 16वीं सदी के प्रेम संबंधों की कहानी पर नई किताब
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 जुलाई एक नयी किताब में, 16वीं सदी में मालवा के सुल्तान बाज बहादुर और रूपमती की कहानी और शास्त्रीय संगीत के प्रति उनके प्यार के जरिये दोनों की बढ़ती नजदीकियां तथा अन्य पहलुओं की दिलचस्प जानकारी दी गई है।

नियोगी बुक्स द्वारा प्रकाशित मालती रामचंद्रन की लिखी किताब “मांडू : द रोमांस ऑफ रूपमती एंड बाज बहादुर” में दोनों के कई अनछुए पहलुओं को शामिल किया गया है।

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किताब में मांडू शहर, नर्मदा नदी, भारतीय शास्त्रीय संगीत जिसमें बाज बहादुर और रूपमती दोनों पारंगत थे, का विवरण है।

कहानी में काल्पनिक पहलू भी गुथे गए हैं जिनमें बाज बहादुर की सास की दरबारी साजिशें भी शामिल हैं। किताब में किरदार कई पहलू लिये हुए हैं और जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है उनके रंग भी सामने आते हैं।

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गद्दीनशीं होने की प्रतिबद्धता के बाद बाज बहादुर को बुरे सपने आने लगते हैं, ऐसे में संगीत में उसे सुकून मिलता है और उसका यह जुनून उसे रूपमती की तरफ झुकाता है।

रूपमती शुरू में सिर्फ अपने संगीत के प्रति समर्पित रहती है लेकिन धीरे-धीरे वह भी बाज बहादुर के प्रेम में गिरफ्त हो जाती है।

उपन्यास में कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का भी जिक्र है जैसे मालवा पर मुगल बादशाह अकबर के सिपहसालार अधम खान द्वारा किया गया हमला और 1561 में इस राज्य का पतन।

उपन्यास अधम खान की सेना के मालवा पर चढ़ाई और रूपमती के अपनी जान ले लेने पर खतम हो जाता है।

यह उपन्यास मूल रूप से बाज बहादुर और रूपमती के संबंधों पर केंद्रित है।

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