देश की खबरें | ऋचा चड्ढा व पायल घोष को ‘‘सहमति की शर्तें’ दाखिल करने के लिए मिला दो दिन का समय
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 12 अक्टूबर बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को अभिनेत्री ऋचा चड्ढा और अदाकारा पायल घोष को आपसी विवाद निपटाने के लिए 'सहमति की शर्तें' दायर करने की खातिर दो दिन का समय दिया।

यह मामला पायल घोष के खिलाफ ऋचा चड्ढा द्वारा दायर मानहानि मुकदमा से संबंधित है।

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चड्ढा ने घोष के खिलाफ "झूठा, निराधार, अभद्र और अपमानजनक" बयान देने के लिए मुकदमा दायर किया और क्षतिपूर्ति के रूप में 1.1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।

घोष ने प्रसिद्ध फिल्मकार अनुराग कश्यप पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए चड्ढा और दो अन्य महिला कलाकारों को भी विवाद में घसीटा था।

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घोष की ओर से पेश वकील नितिन सतपुते ने पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय से कहा था कि उनकी मुवक्किल ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया है और वह इसे वापस लेने के अलावा माफी मांगने को तैयार हैं।

हालांकि, सोमवार को चड्ढा की ओर से पेश वकील सवीना बेदी सच्चर ने न्यायमूर्ति ए के मेनन की एकल पीठ से कहा कि पिछले सप्ताह अदालत की सुनवाई के बाद बचाव पक्ष (घोष) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालते हुए कहा था कि वह कभी माफी नहीं मांगेंगी।

इस पर अदालत ने सतपुते से सवाल किया कि क्या घोष की दिलचस्पी इस मामले के समाधान में है।

सतपुते ने दोहराया कि घोष अपना बयान वापस ले रही हैं और माफी मांग रही हैं लेकिन इसमें कुछ शर्तें हैं।

सतपुते ने कहा, ‘‘इस मामले के समाधान के बाद, वादी (चड्ढा), प्रतिवादी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराएंगी।"

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सुनवाई के बाद, वादी ने मीडिया को यह कहते हुए कुछ बयान दिए कि उन्होंने मुकदमा जीत लिया है। इसके कारण प्रतिवादी को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ किया जा रहा है। लेकिन, हम इस मामले का निपटारा चाहेंगे।"

सतपुते ने आगे कहा कि वह चड्ढा के वकील से संपर्क करेंगे और सहमति शर्तों को अंतिम रूप देंगे।

इसपर न्यायमूर्ति मेनन ने कहा, ‘‘अगर आप (चड्ढा और घोष) मामले का निपटारा चाहती हैं, तो यह सबसे बेहतर होगा कि आप दोनों एक-दूसरे से बात करें और सहमति की शर्तों को दाखिल करें।’’

अदालत ने कहा कि सहमति की शर्तें दाखिल करने के लिए बुधवार को और समय नहीं दिया जाएगा।

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