देश की खबरें | इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में आठ लाख रूपए के इनामी नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

रायपुर, 29 सितंबर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में आठ लाख रूपए के इनामी नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी ।

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आठ लाख रूपए के इनामी नक्सली कोसा मरकाम ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि कोसा ने नक्सलियों की खोखली विचारधारा से परेशान होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: ‘नया बिहार, विकसित बिहार’ के नारे के साथ नीतीश कुमार को चुनौती देने वाले तेजस्वी यादव की ये हैं ताकत और कमजोरियां.

पुलिस अधीक्षक पल्लव ने बताया कि कोसा वर्ष 2014 में बाल संघम के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती हुआ था। बाद में उसे माओवादियों के उत्तर बस्तर डिविजन में भेज दिया गया। वर्तमान में वह माओवादियों की मिलिट्री कंपनी में प्लाटून नंबर दो में काम कर रहा था।

पल्लव ने बताया कि पिछले दिनों वह जिले के टेटम गांव में कोसा के परिजनों से मिले थे। इस दौरान अधिकारी ने कोसा के परिवार वालों से कहा था कि वह उसे नक्सली संगठन छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मनायें ।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: बिहार में दोनों गठबंधन के बीच नही बन रही बात, चिराग पासवान पर सभी की नजर.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मरकाम के खिलाफ वर्ष 2018 में नारायणपुर जिले के इरपानार गांव के करीब पुलिस दल पर हमले की घटना में शामिल होने तथा कांकेर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल पर हमले की घटना में शामिल होने का आरोप है। इन दोनों घटनाओं में सुरक्षा बल के चार—चार जवान शहीद हुए थे।

पल्लव ने बताया कि मरकाम के नक्सली संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने के कारण उसे प्रोत्साहन के रूप में 10 हजार रूपए दिया गया है। साथ ही उसे राज्य शासन की समर्पण नीति का भी लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद मरकाम द्वारा दी गई जानकारी के बाद तेलम और तुमकपाल गांव के करीब पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। इस अभियान में डीआरजी के जवानों को भेजा गया था।

पल्लव ने बताया कि जब सुरक्षा बल के जवान वहां पहुंचे तब नक्सली वहां से फरार हो गए। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से चार बारूदी सुरंग, पांच डेटोनेटर, एक वाकी टाकी और नक्सली साहित्य बरामद किया है।

राज्य के नक्सल प्रभावित इस जिले में पुलिस ‘लोन वर्राटू’ अभियान चला रही है। इसका शाब्दिक अर्थ ‘‘घर वापस आइए’’ होता है। इस अभियान के तहत पुलिस क्षेत्र के पुलिस थानों, पंचायत भवनों आदि स्थानों पर नक्सलियों का पोस्टर लगा रही है तथा उनहें घर वापस लौटने के लिए कहा जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक पल्लव ने बताया कि इस अभियान के शुरू होने के बाद से अब तक 109 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\