देश की खबरें | सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश को छह महीने तक बिना किराये के आवास की सुविधा मिलेगी

नयी दिल्ली, 23 अगस्त केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश को सेवानिवृत्त होने के बाद छह महीने तक बिना किराये के आवास की सुविधा मिलेगी, वहीं शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक चौबीस घंटे सुरक्षा मिलेगी।

विधि मंत्रालय में न्याय विभाग ने संशोधित ‘उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश नियम’ अधिसूचित किये हैं, जिनके तहत उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति की तारीख से एक साल तक कार चालक की सुविधा और सचिवालय संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी।

एक अधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 है और औसतन हर साल तीन न्यायाधीश सेवानिवृत्त होते हैं।

भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण सेवानिवृत्ति के बाद सुविधाओं के नये नियम का लाभ उठाने वाले पहले न्यायाधीश होंगे, जो शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

संशोधित नियम के अनुसार, ‘‘सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश या सेवानिवृत्त न्यायाधीश (उच्चतम न्यायालय के) हवाई अड्डों पर औपचारिक लाउंज में अभिवादन के प्रोटोकॉल के हकदार होंगे।’’

अधिसूचना के अनुसार, उनकी सहायता के लिए सचिवालय सहायक होंगे, जो उच्चतम न्यायालय में शाखा अधिकारी के स्तर के होंगे।

अधिसूचना के अनुसार, भारत के सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश को ‘‘सेवानिवृत्ति की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए दिल्ली में (निर्दिष्ट सरकारी आवास के अलावा) टाइप-7 का बिना किराये का आवास मिलेगा।’’

इस प्रकार के आवास सामान्य तौर पर उन मौजूदा सांसदों को आवंटित किये जाते हैं, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं।

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