देश की खबरें | केंद्र सरकार के तीन अस्पतालों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने आंदोलनरत सहयोगियों के साथ एकजुटता दिखायी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार द्वारा संचालित तीन अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने उत्तर दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों के हड़ताली चिकित्सकों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को सांकेतिक विरोध किया ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर केंद्र सरकार द्वारा संचालित तीन अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने उत्तर दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों के हड़ताली चिकित्सकों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को सांकेतिक विरोध किया ।

सफदरजंग अस्पताल एवं राम मनो​हर ​लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट चिकित्सकों ने काला फीता बांध कर काम किया जबकि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों ने दो घंटे तक काम नहीं किया । हालांकि, कोविड एवं इमर्जेंसी वार्ड को इससे बाहर रखा गया था ।

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उत्तर दिल्ली ​नगर निगम के अस्पतालों के ​वरिष्ठ चिकित्सकों ने वेतन भुगतान की मांग करते हुये सोमवार को एक दिन के सामूहिक अवकाश के बाद मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है ।

सफदरजंग रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा मनीष ने कहा, ''हम हिंदू राव अस्पताल, कस्तूरबा गांधी अस्पताल एवं राजन बाबू टीबी अस्पताल के संबंधित प्राधिकार की असंवेदनशील प्रकृति की निंदा करते हैं और हमारे सहयोगी रेजिडेंट डॉक्टरों के आंदोलन का समर्थन करते हैं ।''

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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौर में अग्रिम मोर्चे पर खड़े होकर संघर्ष करने वालों के लिये कम से कम यह किया जा सकता है कि उनका वेतन भुगतान किया जाये जिसके वह हकदार हैं ।

उन्होंने बताया कि इन अस्पततालों के चिकित्सकों का वेतन भुगतान नहीं होने के विरोध में सफदरजंग रेजिडेंट चिकित्सकों ने काला फीता बांध कर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया ।

इसी तरह लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील दुचानिया ने बताया कि उनलोगों ने भी इसके विरोध में दो घंटे तक काम नहीं किया हालांकि, कोविड एवं इमर्जेंसी वार्ड को इस विरोध प्रदर्शन से बाहर रखा गया था ।

दूसरी ओर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टरों के एसोसिएशन ने बयान जारी कर कहा, ‘‘हमने सक्षम प्राधिकार से इस मामले को सुलझाने की अपील की है ।

नगर निगम चिकित्सक संगठन (एमसीडीए) की महासचिव मारूति सिन्हा ने बताया, ''पिछले तीन महीने से लंबित वेतन भुगतान समेत हमारी मांगें पूरी नहीं हुयी, इसलिये हम अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं ।''

एमसीडीए की स्थापना 1974 में हुयी थी, इसके करीब 1200 सदस्य हैं । यह संगठन निगम के अस्पतालों के वरिष्ठ स्थायी चिकित्सकों का संगठन है। इस संगठन में दो अन्य निगमों के अस्पतालों के चिकित्सक भी शामिल हैं ।

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