जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक की बैलेंसशीट का आकार 2019-20 में 30 प्रतिशत बढ़ा

मुंबई, 25 अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक की बैलेंसशीट का आकार 2019-20 में 30.02 प्रतिशत बढ़ा है। यह केंद्रीय बैंक के मुद्रा से जुड़े मुद्दों पर कामकाज के साथ-साथ मौद्रिक नीति और विदेशी मुद्रा भंडार के लिए प्रबंधन गतिविधियों को भी दर्शाता है।

रिजर्व बैंक ने अपनी वार्षिक रपट में यह जानकारी दी है। आरबीआई का वित्त वर्ष जुलाई से जून होता है।

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केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट 12,318.88 अरब रुपये बढ़कर 53,347.93 अरब रुपये हो गई। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 30.02 प्रतिशत अधिक है।

देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में रिजर्व बैंक के बहीखातों की स्थिति का अहम योगदान है।

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बैंक की परिसंपत्तियों में भी इजाफा हुआ है। इसकी वजह उसके घरेलू निवेश में 18.40 प्रतिशत और विदेशी निवेश में 27.28 प्रतिशत की वृद्धि होना है। साथ ही बैंक द्वारा दिए गए ऋण में 245.76 प्रतिशत और स्वर्ण भंडार में 52.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

बैंक की देनदारी में भी बढ़त दर्ज की गयी है। बैंक द्वारा जारी नोट में 21.52 प्रतिशत, अन्य देनदारी और प्रावधान में 30.47 प्रतिशत और जमा में 53.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बैंक की कुल परिसंपत्तियों में 30 जून 2020 की स्थिति के अनुसार घरेलू संपत्तियों का हिस्सा 28.75 प्रतिशत रहा है जबकि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और सोने (जमा सोजना और भारत में उपलब्ध सोने सहित) कुल परिसंपत्तियों का 71.25 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं एक साल पहले 30 जून 2019 को यह स्थिति क्रमश: 28 प्रतिशत और 71.97 प्रतिशत थी।

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