देश की खबरें | गंभीर अपराध के मामलों में आरोप तय होने पर आरोपियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का न्यायालय से अनुरोध
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ऐसे व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है जिनके खिलाफ गंभीर अपराध के मामलों में आरोप तय किए जा चुके हैं।
नयी दिल्ली, 27 सितंबर उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर ऐसे व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है जिनके खिलाफ गंभीर अपराध के मामलों में आरोप तय किए जा चुके हैं।
इस जनहित याचिका पर आने वाले दिनों में सुनवाई होने की उम्मीद है।
याचिका में केंद्र और चुनाव आयोग को ऐसे व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के बाबत कदम उठाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है जिनके खिलाफ गंभीर अपराध के मामलों में सुनवाई चल रही है।
इसमें दावा किया गया कि विधि आयोग की सिफारिशों और न्यायालय के पूर्व निर्देशों के बावजूद केंद्र और चुनाव अयोग ने इस बारे में कदम नहीं उठाए हैं।
याचिकाकर्ता वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने जनहित याचिका में कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 539 उम्मीदवारों में से 233 (43 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की थी।
वकील अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दाखिल की गई जनहित याचिका में कहा गया कि वर्ष 2009 से ऐसे सांसदों की संख्या में 109 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया, जिन्होंने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की।
इसमें कहा गया कि एक सांसद ने अपने खिलाफ दर्ज 204 आपराधिक मुकदमों की घोषणा की थी, जिनमें गैर इरादतन हत्या, घर में जबरन घुसने, लूट और आपराधिक धमकी आदि से संबंधित मामले शामिल हैं।
याचिका में कहा गया, '' चिंताजनक बात यह है कि आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों और उनके जीतने की संभावना के प्रतिशत में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)