जर्मनी में घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर आज आएगी रिपोर्ट
र्मनी, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों से पीछे है, जहां पुरुष रिश्तेदारों, साझेदारों और पूर्व साझेदारों द्वारा महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली हिंसा चर्चा का विषय बनी हुई है.
र्मनी, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों से पीछे है, जहां पुरुष रिश्तेदारों, साझेदारों और पूर्व साझेदारों द्वारा महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली हिंसा चर्चा का विषय बनी हुई है.जर्मनी में घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों के बीच जर्मन सरकार ने इस पर रिपोर्ट देने की बात कही है. घरेलू हिंसा पर ताजा रिपोर्ट मंगलवार को जर्मन आंतरिक मंत्री नैन्सी फेजर, परिवार मंत्री लीसा पॉस और संघीय आपराधिक पुलिस कार्यालय (बीकेए) के अध्यक्ष, होल्गर मंश के साथ जारी की जाएगी. जर्मनी में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए घरेलू हिंसा अपराधों की संख्या हाल के वर्षों में बढ़ रही है. ये रिपोर्ट भी इस बात के संकेत देती है कि ऐसी कई कितनी घटनाएं हैं, जो दर्ज ही नहीं हो पातीं.
जर्मनी में घरेलू हिंसा के लगातार बढ़ते मामले
घरेलू हिंसा पर कार्रवाई
फेजर ने बिल्ड अखबार के रविवार के संस्करण में घरेलू रिश्तों में हिंसा के मामलों पर सख्त रवैया अपनाने की बात कही. फेजर ने कहा, "हिंसा करने वाले हमारे रडार से तुरंत गायब नहीं हो जाने चाहिए. पहली घटना के बाद ही उन्हें घर से निकाल दिया जाना चाहए". इस रिपोर्ट में में इस बात का भी जिक्र है कि परिवार और घरेलू रिश्तों में हिंसा की शिकार ज्यादातर महिलाएं हैं. हालांकि जर्मनी, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों से पीछे है, जहां पुरुष रिश्तेदारों, साझेदारों और पूर्व साझेदारों द्वारा महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली हिंसा चर्चा का विषय बनी हुई है.
बच्चों पर असर
घरेलू हिंसा के शिकार केवल जोड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी होते हैं. देश की गठबंधन सरकार में शामिल तीन पार्टियों, सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी), ग्रीन्स और फ्री डेमोक्रेट्स (एफडीपी) ने कहा: "हम हर महिला और उसके बच्चों के लिए हिंसा से सुरक्षा का अधिकार सुरक्षित करेंगे और महिला शेल्टर्स की फंडिंग के लिए एक राष्ट्रव्यापी कानूनी ढांचा सुनिश्चित करेंगे."
पूया/एसबी (डीपीए)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2023 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

