जरुरी जानकारी | रेलिगेयर फिनवेस्ट घोटाला: अदालत ने मुखौटा कंपनियों के निदेशक को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने समूह कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) से 2,397 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े एक मामले में कुछ मुखौटा कंपनियों के एक निदेशक को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर दिल्ली की एक अदालत ने समूह कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) से 2,397 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े एक मामले में कुछ मुखौटा कंपनियों के एक निदेशक को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट छवि बंसल ने मैसर्स तारा अलॉयज लिमिटेड और मैसर्स गुरुदेव फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक तथा श्रीधाम डिस्ट्रिब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड और एनीस अपेरल प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारक राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति दी।

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पुलिस ने चार दिन की हिरासत की मांग की थी। पुलिस ने अदालत से कहा कि अग्रवाल कथित रूप से मुखौटा कंपनियों के निदेशक व प्रवर्तक हैं, जिनके माध्यम से पैसों का हेरफेर किया गया।

पुलिस के अनुसार, संबंधित कंपनियां कथित तौर पर मुखौटा कंपनियां थीं, जिनके माध्यम से 2016-17 में 676 करोड़ रुपये की धनराशि का हेरफेर किया गया।

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पुलिस ने आरोप लगाया कि अग्रवाल फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रवर्तकों मालविंदर सिंह और उनके भाई शिविंदर के साथ इस मामले में बड़ी साजिश का हिस्सा है।

पुलिस ने आगे आरोप लगाया कि अग्रवाल ने सह-अभियुक्त नरेंद्र कुमार घोषाल के साथ मिलकर साजिश रची और उनकी कंपनियों को मिली राशि को फिर से इधर-उधर कर दिया, जिससे रेलिगेयर ग्रुप के प्रवर्तकों मालविंदर और शिविंदर को लाभ मिल रहा था।

आरएफएल के पैसों की कथित हेराफेरी और उसका दूसरी कंपनियों में निवेश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मालविंदर, शिविंदर, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को पिछले साल गिरफ्तार किया था।

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