देश की खबरें | रेखा गुप्ता ने पिछली ‘आप’ सरकार की आलोचना की, भाजपा शासन में पारदर्शी प्रशासन का वादा किया

नयी दिल्ली, 28 मार्च दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए अपना दृष्टिकोण पेश किया और आम आदमी पार्टी (आप) की पिछली सरकार पर तीखा हमला करते हुए उस पर शासन के बजाय प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

उन्होंने दिल्ली के प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता लाने का संकल्प लिया।

गुप्ता ने ‘टाइम्स नाउ समिट 2025’ में अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बात की और याद किया कि कैसे उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक छात्र नेता के रूप में शुरुआत की और फिर नगर निगम की राजनीति में आगे बढ़ीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह मुख्यमंत्री बनेंगी और उनका प्राथमिक लक्ष्य हमेशा विधायक के रूप में काम करना था।

उन्होंने कहा कि लेकिन जब अवसर आया तो उन्होंने समर्पण के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार की।

‘आप’ के ‘बहुप्रचारित शिक्षा सुधारों’ पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने उसे (आप को) ‘बिना दिशा वाली मिसाइल’ कहा और आरोप लगाया कि उसमें संरचना एवं वास्तविक प्रभाव की कमी है।

उन्होंने ‘हैप्पीनेस करिकुलम‘, ‘देशभक्ति करिकुलम’ और ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ जैसी योजनाओं को ‘प्रचार-केंद्रित पहल के रूप में खारिज कर दिया, जिन्होंने वास्तविक शिक्षा में सुधार के लिए बहुत कम काम किया।’

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ पर 72 करोड़ रुपये और इसके विज्ञापन पर 80 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि कक्षाएं खराब स्थिति में रहीं।

उन्होंने दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप बनाने और एनईईटी, जेईई, सीएलएटी और सीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संगठित कोचिंग शुरू करने की योजना की घोषणा की, ताकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें।

गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवा के मोर्चे पर ‘आप’ के मोहल्ला ‘क्लीनिक मॉडल’ की आलोचना की और इसे ‘खराब योजनाबद्ध पहल’ कहा, जिसमें पर्याप्त बुनियादी ढांचे का अभाव था।

उन्होंने ‘स्वास्थ्य सेवा के प्रति खंडित दृष्टिकोण’ पर निर्भर रहने के बजाय अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का वादा किया।

अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में बने मुख्यमंत्री आवास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अभी तक घर आवंटित नहीं हुआ है। मैं अभी अपने घर के सामने वाली गली में अपना कार्यालय चला रही हूं, वहां जनता से मिल रही हूं, गली में कुर्सी पर बैठ रही हूं। लेकिन उस घर में न जाने की वजह... मुझे लगता है कि उस घर पर खर्च किए गए करोड़ों रुपए किसी मुख्यमंत्री के आलीशान बिस्तर पर सोने के लिए उचित नहीं हैं। इसके बजाय, उस पैसे से उन लोगों के लिए घर बनाए जा सकते थे जो आज भी फ्लाईओवर के नीचे सो रहे हैं।’’

आप पर ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने’ का आरोप लगाते हुए गुप्ता ने शराब नीति, कक्षा निर्माण और डीटीसी बसों में कथित घोटालों की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के इतिहास में सबसे बड़ा चुनावी जनादेश प्राप्त करने के बावजूद, केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार शासन में पर्याप्त सुधार लाने में ‘विफल’ रही।

दिल्ली के लिए अपने रोडमैप को रेखांकित करते हुए गुप्ता ने कहा कि उनका प्रशासन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता लोगों के बीच विश्वास को फिर से बहाल करना और उनके लिए ठोस परिणाम लाना होगा।

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