शिमला, आठ जनवरी हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने यहां आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में विभिन्न क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने में विफल रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने छह मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्ति पर भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इससे राज्य के खजाने पर करोड़ों रुपये का बोझ पड़ेगा।
ठाकुर ने यहां एक बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा की गई 13 नियुक्तियों में से आठ विधायकों को शिमला संसदीय क्षेत्र से नियुक्त किया गया है जबकि शेष तीन संसदीय क्षेत्रों को पर्याप्त हिस्सा नहीं दिया गया है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल में संपन्न विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हिमाचल में खर्च कम करने की बात की थी, लेकिन अब उन्होंने छह सीपीएस नियुक्त कर राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर अभी 74,622 करोड़ रुपये का कर्ज है और राज्य सरकार 3,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना बना रही है।
ठाकुर ने कहा कि सरकार ने डीजल पर वैट तीन रुपये बढ़ाकर 4.40 रुपये से 7.40 रुपये कर हिमाचल प्रदेश की गरीब जनता को एक और ‘‘उपहार’’ दिया है।
उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि दर्शाती है कि राज्य में माल भाड़े में निश्चित रूप से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा क्योंकि हिमाचल में अब डीजल की कीमत 86 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
भाजपा की हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि छह सीपीएस की नियुक्ति से राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश मंत्रिपरिषद का रविवार को विस्तार किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह समेत सात मंत्रियों को इसमें शामिल किया गया है।
इन सात मंत्रियों के शामिल होने के साथ मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
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