जरुरी जानकारी | युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगारोन्मुख बनाने के लिए उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी : पनगढ़िया

नयी दिल्ली, पांच जुलाई नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने बुधवार को कहा कि भारत को अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार करने की जरूरत है, जिससे देश के युवा को अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) जैसे विकसित देशों में काम करने वाली आबादी में आई गिरावट आने का फायदा उठा सकें।

उन्होंने कहा, “वैश्विक स्थिति यह है...ज्यादातर देशों में लोगों की उम्र बढ़ रही है और काम करने वाले लोगों (15 वर्ष से 64 वर्ष) की आबादी कम हो रही है। चीन, अमेरिका और ईयू में यह होने वाला है।”

उन्होंने कहा कि अफ्रीका को छोड़कर भारत सबसे बड़ा ऐसा देश होने वाला है, जो दुनिया में काम करने योग्य जनसंख्या में सकारात्मक रूप से योगदान करेगा।

पनगढ़िया ‘भारत के मध्यम वर्ग का उदय’ रिपोर्ट को जारी करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

‘संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या प्रभाग’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत 2040 तक 15 से 64 आयुवर्ग की काम करने वाली आबादी में 15 करोड़ लोग जोड़ेगा।

शेष दुनिया पर इसकी कमी की संभावना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से भारतीय लोग वैश्विक स्तर पर कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यहीं पर मध्यम वर्ग में होने वाला बदलाव वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि यही वह आबादी है जहां से बहुत सारे लोग पलायन करेंगे। इसलिए, भारत के लिए अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिक शिक्षित कार्यबल की वैश्विक मांग होगी।”

इससे उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और भी जरूरी हो गया है, क्योंकि अंततः भारत ही वैश्विक कार्यबल को परिभाषित करने जा रहा है।

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