मुंबई, 28 अप्रैल कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने रत्नागिरि जिले के बारसू गांव के निवासियों पर तेल रिफाइनरी परियोजना "थोपने’’ के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की शुक्रवार को आलोचना की और मांग की कि इस पर आगे बढ़ने से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।
मुंबई से 400 किलोमीटर दूर राजापुर तहसील स्थित बारसू के लोगों का एक वर्ग हजारों करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित बृहद रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल परिसर का विरोध कर रहा है। उनका दावा है कि यह तटीय क्षेत्र परिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर देगा। परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को लेकर मंगलवार को 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस इन निवासियों का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार को लोगों की सभी आशंकाएं दूर होने के बाद ही इस पर आगे बढ़ना चाहिए।
पटोले ने पत्रकारों से कहा कि स्थानीय लोगों पर हमला करके परियोजना नहीं लाई जा सकती। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को भरोसे में लेकर ही परियोजना को लागू किया जा सकता है। अगर सरकार मनमानी करती रही, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।’’
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से ताल्लुक रखने वाले राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने स्वीकार किया कि बारसू में तनाव है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) का नाम लिए बिना कहा, ‘‘जो ग्रामीण रिफाइनरी परियोजना के पक्ष और विपक्ष में हैं, उन्होंने कल सरकार के साथ बातचीत की, लेकिन कुछ लोग बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं।’’
बारसू निवासियों के समर्थन में उतरी शिवसेना (यूबीटी) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "अत्याचार" को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY