देश की खबरें | डाक के जरिए मतदान के लिए मतदाताओं की आयु सीमा घटाना बिहार विधानसभा चुनाव पर केंद्रित: माकपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने डाक के जरिए मतदान के लिए मतदाताओं की आयु सीमा कम करने पर आपत्ति जताई है और इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।

नयी दिल्ली, 29 जून माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने डाक के जरिए मतदान के लिए मतदाताओं की आयु सीमा कम करने पर आपत्ति जताई है और इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।

येचुरी ने पूछा कि क्या इतनी जल्दबाजी बिहार विधानसभा चुनाव की वजह से है।

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उन्होंने पत्र में कहा है कि निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों से विमर्श किए बिना चुनावी प्रक्रिया को ‘‘बदलने’’ के लिए ‘‘एकतरफा कदम’’ उठा रहा है।

येचुरी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘हम मीडिया में आईं इन खबरों से काफी व्यथित हैं कि निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों से विमर्श की स्थापित परंपरा का उल्लंघन कर 64 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को डाक के जरिए मतदान का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए एकतरफा कदम उठा रहा है।’’

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कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव में डाक मत पत्र के माध्यम से वोट डालने के वास्ते बुजुर्ग लोगों के लिए आयु सीमा घटाकर 65 वर्ष कर दी गई है जो पहले 80 साल थी।

भारत में कोविड-19 के प्रकोप के बाद बिहार ऐसा पहला राज्य है जहां विधानसभा चुनाव होगा। बिहार के मतदाता ऐसे पहले मतदाता होंगे जिन्हें संशोधित नियमों का लाभ मिलेगा।

येचुरी ने कहा कि विगत में निर्वाचन आयोग ने चुनाव नियंत्रण और देख-रेख के लिए अनुच्छेद 324 के तहत व्यापक और समग्र शक्तियां होने के बावजूद सदैव इस बात पर जोर दिया है कि वह इस शक्ति का इस्तेमाल एकतरफा ढंग से नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि विगत की परंपरा के विपरीत नियमों में वर्तमान बदलावों के लिए राजनीतिक दलों से विमर्श नहीं किया गया।

नियमों में वर्तमान बदलावों में अक्टूबर 2019 में हुआ बदलाव, जब विशिष्ट रूप से सक्षम लोगों और 80 साल से अधिक आयु के लोगों को डाक के जरिए मतदान की अनुमति दी गई थी, तथा इस साल 19 जून को हुआ बदलाव शामिल है जिसमें डाक के जरिए मतदान का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की आयु सीमा 80 से घटा कर 65 साल कर दी गई है।

येचुरी ने कहा, ‘‘मीडिया में आईं खबरों से हम यह मानने को विवश हैं कि निर्वाचन आयोग द्वारा की गई जल्दबाजी आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव के कारण है जो इस साल नवंबर में होना है।’’

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