नयी दिल्ली, 15 नवंबर वायुमंडल में तापमान बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता ने पिछले साल एक बार फिर एक नया रिकॉर्ड बनाया और इस बढ़ती प्रवृत्ति पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की एक नयी रिपोर्ट में यह दावा किया गया।
ग्रीनहाउस गैस में सबसे अधिक प्रभावशाली मानी जाने वाली कार्बन डाईऑक्साइड (सीओ2) की वैश्विक औसतन सांद्रता पहली बार 2022 में औद्योगिक काल के पूर्व (1850-1900) के स्तर से अधिक होकर 50 प्रतिशत हो गई।
डब्ल्यूएमओ के ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन के अनुसार सीओ2 की सांद्रता में वृद्धि दर पिछले वर्ष और दशक के औसत से थोड़ी कम थी, लेकिन इस गिरावट का कारण कार्बन चक्र में अल्पकालिक बदलाव हो सकता था। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि औद्योगिक गतिविधियों से नए उत्सर्जन में वृद्धि जारी है।
ग्रीनहाउस बुलेटिन के अनुसार, मीथेन की सांद्रता में भी बढ़ोतरी देखी गई है और तीसरी मुख्य गैस नाइट्रस ऑक्साइड का स्तर भी काफी अधिक दर्ज किया गया।
डब्ल्यूएमओ महासचिव पेत्तेरी तालास ने चिंता जताते हुए कहा, ‘‘वैज्ञानिक समुदाय से दशकों तक चेतावनी मिलने, हजारों पन्नों की रिपोर्ट और दर्जनों जलवायु परिवर्तन सम्मेलनों के बावजूद हम अब भी गलत दिशा में ही जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ग्रीनहाउस गैस सांद्रता का वर्तमान स्तर हमें, इस सदी के अंत तक के लिए चिह्नित पेरिस समझौते के लक्ष्य की तुलना में तापमान में वृद्धि के मार्ग पर रखता है। इसके साथ ही अत्यंत प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां होंगी जिनमें भीषण गर्मी और बारिश, ग्लेशियरों का पिघलना, समुद्र स्तर बढ़ना शामिल है। हमें तत्काल जीवाश्म ईंधन की खपत को कम करना होगा।’’
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