नयी दिल्ली, 21 फरवरी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को विभिन्न प्रसारकों के बीच एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे को स्वैच्छिक रूप से साझा करने की पैरोकारी की।
साथ ही ट्राई ने आईपीटीवी सेवा प्रदाताओं के लिए न्यूनतम कुल संपत्ति संबंधी आवश्यकता को कम करने की बात भी कही।
ट्राई ने दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्रावधान के लिए सेवा प्राधिकरणों के ढांचे पर अपनी सिफारिशें जारी कीं। इस अधिनियम ने टेलीग्राफ कानून, 1885 की जगह ली है।
नियामक ने कहा कि सिफारिशों का मकसद प्रसारण क्षेत्र में वृद्धि को प्रोत्साहन देना और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना है।
नियामक ने प्रसारण सेवा प्रदाताओं के साथ ही दूरसंचार सेवा प्रदाताओं/ बुनियादी ढांचा सुविधा देने वालों के बीच स्वैच्छिक आधार पर बुनियादी ढांचे को साझा करने की सिफारिश की है।
ट्राई ने कहा कि जहां भी तकनीकी और व्यावसायिक रूप से संभव हो, बुनियादी ढांचे को साझा करना चाहिए।
सिफारिशों में उपभोक्ता के लिए टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं के विकल्प बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने के लिए विभिन्न सेवाप्रदाताओं के लिए एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल की बात कही गई है।
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