कोलंबो, नौ मई घोर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को कहा कि वह जनता के लिए ‘‘कोई भी बलिदान’’ देने को तैयार हैं।
उनके इस कथन से इन अटकलों को बल मिलता है कि राजपक्षे सोमवार को पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर सकते हैं।
उनके छोटे भाई और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की आर्थिक संकट से घिरी सरकार पर देश को उबारने के लिए अंतरिम सरकार बनाने का दबाव बढ़ गया है।
अपनी ही श्रीलंका पोदुजन पेरामुन (एसएलपीपी) के भीतर इस्तीफा देने के भारी दबाव से जूझ रहे राजपक्षे (76) अब तक, इस्तीफा न देने का दबाव बनाने के लिए अपने समर्थकों को एकजुट कर रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि उनके छोटे भाई राष्ट्रपति गोटबाया रापजक्षे ने अपनी इच्छा प्रत्यक्ष रूप से जाहिर नहीं की लेकिन वह उनका इस्तीफा चाहते हैं। राष्ट्रपति उनका इस्तीफा इसलिए चाहते हैं कि ताकि वह राष्ट्रीय एकता की सरकार बना सकें। मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने तक यह अंतरिम व्यवस्था मौजूद रहेगी।
देश के एक प्रमुख समाचार नेटवर्क ‘‘लंका फर्स्ट’’ ने राजपक्षे को अपने समर्थकों से यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘‘जनता के लिए मैं कोई भी बलिदान देने को तैयार हूं।’’ इससे संकेत मिलता है कि वह इस्तीफा दे सकते हैं।
राजपक्षे ने यह बात प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास ‘‘टेम्पल ट्री’’ में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उनके आवास पर एकत्र हुए एसएलपीपी के सदस्यों ने इनसे इस्तीफा नदेने को कहा।
सत्तारूढ़ गठबंधन के एक असंतुष्ट नेता दयासिरी जयशेखर ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हो सकता है कि वह सीधे तौर पर इस्तीफा न दें। मुझे लगता है कि वह कहेंगे कि मौजूदा संकट के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है इसलिए मेरे इस्तीफा देने की कोई वजह नहीं है।’’
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