मुंबई, 25 अप्रैल असुरक्षित ऋण में समस्या आने से जनवरी-मार्च तिमाही में आरबीएल बैंक का एकीकृत आधार पर शुद्ध लाभ 76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.99 करोड़ रुपये रह गया।
ऋणदाता बैंक ने एक साल पहले की समान तिमाही में 364 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था और उससे पिछली दिसंबर तिमाही में यह मुनाफा 47 करोड़ रुपये था।
सूक्ष्म-वित्त और क्रेडिट कार्ड खातों में परेशानियों के कारण बैंक का कुल प्रावधान एक साल पहले की समान तिमाही के 414 करोड़ रुपये से बढ़कर 785 करोड़ रुपये हो गए। बैंक ने संकेत दिया कि उसे आगे चलकर अधिक रकम अलग नहीं रखनी पड़ेगी।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि दरों में कटौती जैसे कारकों के कारण शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में छह अतिरिक्त महीनों तक संकुचन रहेगा और चालू वित्त वर्ष के अंत तक मौजूदा स्तर पर स्थिर हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुल जमा वृद्धि सात प्रतिशत रही, और बैंक इसे विस्तृत करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा।
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