मुंबई, 30 दिसंबर आंकड़ों के विश्लेषण एवं सूचना के सृजन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) युक्त प्रणाली रिजर्व बैंक के मध्यम-अवधि वाले रणनीति प्रारूप 'उत्कर्ष 2.0' का अभिन्न हिस्सा होगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को वर्ष 2023-25 की अवधि के लिए रणनीति प्रारूप के तौर पर 'उत्कर्ष 2.0' को पेश किया।
वर्ष 2019-2022 की अवधि के लिए पहला रणनीतिक प्रारूप 'उत्कर्ष 2022' जुलाई 2019 में पेश किया गया था। यह चिह्नित गंतव्यों तक पहुंचने के लिए आरबीआई की प्रगति का मार्गदर्शन करने वाला रणनीतिक दस्तावेज बनकर उभरा है।
आरबीआई ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक एवं घरेलू परिवेश की पृष्ठभूमि में उत्कर्ष 2.0 को वर्ष 2023 से लागू किया जा रहा है जब भारत ने जी-20 समूह की अध्यक्षता संभाली है।
आरबीआई ने कहा, "यह डिजिटल भुगतान की दुनिया में हमारी उपलब्धियों को दर्शाने और द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय व्यापार में भारतीय रुपये को अपनाए जाने का व्यापक आधार तैयार करने का एक अनूठा अवसर है।"
केंद्रीय बैंक ने कहा कि आंकड़ों के इस दौर में ‘डाटा’ संग्रह के साथ ही सूचना के प्रसार की भूमिका आरबीआई को निभानी होती है। इन आंकड़ों के विश्लेषण और सूचना के सृजन के लिए एआई और एमएल आधारित ‘टूल्स’ को अपनाना उत्कर्ष 2.0 का अभिन्न अंग होगा।
आरबीआई के मुताबिक, नए रणनीतिक प्रारूप से केंद्रीय बैंक को एक पारदर्शी संगठन बनाने और पर्यावरण-अनुकूल डिजिटल एवं भौतिक ढांचे से लैस बनाने में मदद मिलेगी।
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