नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय को शुक्रवार को अवगत कराया गया कि तीन साल की बच्ची पर यौन हमला करने के आरोपी एक विद्यालय के ‘सफाईकर्मी’ के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गयी है।
दिल्ली सरकार ने कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर उसकी ‘बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति’ है।
उसके वकील ने मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अगुवाई वाली पीठ से कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है एवं शीघ्र ही आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।
पुलिस ने तीन अगस्त कहा था कि दक्षिण दिल्ली के पंचशील एन्क्लेव स्थित एक विद्यालय में साढ़े तीन साल की एक बच्ची पर कथित रूप से यौन हमला किया गया। अदालत ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया और वह जनहित याचिका के रूप में उसपर सुनवाई कर रही है।
दिल्ली सरकार के वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रशासन द्वारा बनाये गये मापदंडों को विद्यालय सही तरीके से लागू करें, स्थायी बाल सुरक्षा निगरानी समिति के गठन की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘उसे शहर के सभी विद्यालयों में जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियमों (क्या करें/न करें) का पालन हो रहा है, या नहीं। एक स्थायी बाल सुरक्षा निगरानी समिति का गठन किया जाना चाहिए। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए।’’
न्यायमूर्ति शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने त्रिपाठी से उन अधिकारियों एवं स्वतंत्र व्यक्तियों के नाम सुझाने को कहा कि जो इस समिति में नियुक्त किये जा सकते हैं। पीठ ने इस समिति में एक सेवानिवृत न्यायाधीश को रखने का विचार सामने रखा। त्रिपाठी ने उच्च न्यायालय से इस समिति का गठन करते हुए आदेश जारी करने की अपील की।
स्थिति रिपोर्ट में संबंधित थाना प्रभारी ने अदालत को बताया कि आरोपी को तीन अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
शिक्षा निदेशालय ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा कि उसने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता शिविर के आयोजन समेत विद्यालयों को कई परिपत्र एवं दिशानिर्देश जारी किये हैं। उसने कहा है कि विद्यालय ने सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया और उसे ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि एक अगस्त को 11 बजकर 46 मिनट पर हौजखास थाने में पंचशील एन्क्लेव में चिराग दिल्ली फ्लाईओवर के समीप एक नाबालिग स्कूली बच्ची के साथ दुर्व्यवहार के बारे में पीसीआर कॉल आई थी। पुलिस विद्यालय पहुंची और वह नाबालिग बच्ची तथा उसकी रिश्तेदार से मिली। बच्ची ने आरोप लगाया कि स्कूल के सफाईकर्मी अर्जुन कुमार (33) ने उसके साथ यौन दुराचार किया।
पुलिस के अनुसार, बच्ची ने अपनी मां को बताया था कि जब वह शौचालय जाती तो अर्जुन उसे घूरता रहता और उसके साथ यौनाचार करता। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 376 (बलात्कार) और 377 (अप्राकृतिक यौनाचार) तथा पॉक्सो की धारा छह के तहत मामला दर्ज किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY