चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु में विपक्षी दलों ने दुष्कर्म की शिकार हुई एक नाबालिग लड़की के लिए शुक्रवार को न्याय की मांग की, जिसकी पिछले साल डिंडीगुल जिले में कथित रूप से बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।
मामले में आरोपी के बरी होने के बाद विपक्ष ने यह मांग की। हालांकि सरकार ने आश्वासन दिया कि वह निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए कदम उठाएगी।
पुलिस ने कहा कि पिछले साल डिंडीगुल के कुरुम्बपट्टी गांव में लड़की के घर पर उसका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था और बिजली के करंट से उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। वह हाल ही में बरी हो गया।
कानून मंत्री सी वी षणमुगम ने लड़की के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या को "जघन्य" बताया, जबकि विपक्षी द्रमुक, पीएमके और कांग्रेस ने मामले में कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित के नाई की बेटी होने के कारण, राज्य भर में लगभग तीन लाख नाइयों ने 12 वर्षीय पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए अपनी दुकानें बंद कर दीं।
षणमुगम ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि आरोपी को (एक स्थानीय अदालत द्वारा) बरी कर दिया गया है।
उन्होंने विल्लुपुरम के गिंगी में संवाददाताओं से कहा, "एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न और क्रूरता से हत्या कर दी गई है। यह एक जघन्य अपराध है। सरकार इस मामले को देखेगी और अपील के लिए तत्काल सभी कदम उठाएगी।"
द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने एक ट्वीट में अभियोजन पक्ष पर मामले में सबूत को सही ढंग से पेश नहीं करने का आरोप लगाया, जिससे आरोपी को बरी कर दिया गया।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पीड़िता के लिए न्याय की मांग करता हूं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY