देश की खबरें | रामचरितमानस विवाद: जदयू एमएलसी ने कठोर भाषा का इस्तेमाल किया

पटना, 23 जनवरी बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के एक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने ‘रामचरितमानस’ के संबंध में विवादास्पद बयान को लेकर सोमवार को सीमा पार करते हुए अपशब्द का इस्तेमाल किया जो जाहिर तौर पर सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संदर्भ में था।

जदयू एमएलसी महेश्वर सिंह अपने पार्टी सहयोगी और प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष संजय सिंह की ओर से महाराणा प्रताप की जयंती मनाने के लिए आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।

इस समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी शामिल हुए, लेकिन एमएलसी के बोलने के दौरान वे मंच पर मौजूद नहीं थे।

नाराज जदयू नेता ने कहा, ‘‘क्षत्रिय लोग भगवान राम को पूर्वज के रूप में देखते हैं। उनके आदर्शों की सबसे उत्तम अभिव्यक्ति रामचरितमानस में मिलती है। जो लोग उनके कार्यों की आलोचना करते हैं वे अशिक्षित, अनपढ़ और गंवार हैं। ये लोग हिजड़े हैं।’’

जदयू एमएलसी की वीडियो क्लिप वायरस हो गई है और इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इससे राजद के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन राजद ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं जताई है।

गौरतलब है कि गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के बारे में राज्य के शिक्षा मंत्री और राजद नेता चंद्रशेखर ने हाल ही में एक दीक्षांत समारोह के दौरान विवादित बयान दिया था।

मंत्री के बयान पर नीतीश कुमार भी नाराज हुए थे, क्योंकि उन्हें अहसास हो गया कि विवादित बयान का भाजपा नीत विपक्ष द्वारा फायदा उठाया जाएगा।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के संभावित उत्तराधिकारी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी संकेत दिया था कि वह मंत्री के बयान से ‘‘खुश नहीं’’ हैं।

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