प्रयागराज, 27 जुलाई अयोध्या में आगामी पांच अगस्त को प्रस्तावित राम मंदिर के भूमि पूजन में यहां के संगम की मिट्टी और जल का उपयोग किया जाएगा। राम जन्मभूमि के आंदोलन संबंधी ज्यादातर निर्णय प्रयागराज की धरती पर ही किए गए थे।
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी अश्विनी मिश्र ने बताया कि प्रयागराज के पावन संगम के जल एवं मिट्टी को 29 जुलाई 2020 की सुबह 9:30 बजे विहिप के प्रमुख पदाधिकारी संगम पहुंचकर 11 लीटर जल एवं मिट्टी को एकत्र करेंगे।
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उन्होंने बताया कि यह जल एवं मिट्टी शिला पूजन के कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। विहिप के संरक्षक रहे अशोक सिंघल जी एवं दुनिया के सभी पूज्य संतों की इच्छा रही है कि जब मंदिर का निर्माण शुरू होगा तो उस समय संगम के जल एवं मिट्टी को पूजन में उपयोग में लाई जाए।
मिश्र ने बताया कि राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन का केंद्र रहे अशोक सिंघल जी के आवास महावीर भवन पर जल एवं मिट्टी को रखा जाएगा एवं 30 जुलाई को सुबह अयोध्या के लिए इसे ले जाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के प्रांत कार्यालय केसर भवन में प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार की उपस्थिति में सभी कार्यक्रम तय किए गए।
उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए होने वाले भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही देश की प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
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