राम मंदिर परिसर अपने तरीके से आत्मनिर्भर होगा, जटायु की मूर्ति स्थापित: चंपत राय
अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर सीवेज और जल उपचार संयंत्रों के साथ अपने तरीके से आत्मनिर्भर होगा और इसमें बुजुर्गों और विशेष रूप से दिव्यांग आगंतुकों के आवागमन को आसान बनाने की सुविधाएं भी होंगी. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
अयोध्या, 26 दिसंबर : अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर सीवेज और जल उपचार संयंत्रों के साथ अपने तरीके से आत्मनिर्भर होगा और इसमें बुजुर्गों और विशेष रूप से दिव्यांग आगंतुकों के आवागमन को आसान बनाने की सुविधाएं भी होंगी. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में ट्रस्ट के कार्यालय में एक प्रस्तुति में भव्य परिसर की परिदृश्य योजना साझा करते हुए यह बात कही.
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी मंदिर परिसर की 70 एकड़ जमीन का 70 फीसदी हिस्सा हरित क्षेत्र होगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर अपने तरीके से आत्मनिर्भर होगा क्योंकि इसमें दो अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (एसटीपी), एक जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) और पावर हाउस से एक समर्पित लाइन होगी.
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में एक दमकल चौकी भी होगी, जो भूमिगत जलाशय से पानी का इस्तेमाल करने में सक्षम होगी।
राय ने पत्रकारों के एक समूह के साथ परिदृश्य योजना साझा करते हुए कहा कि भव्य मंदिर में 392 खंभे होंगे, 14 फीट चौड़ी परकोटा परिधि होगी जो 732 मीटर तक फैली होगी.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में बुजुर्ग, विशेष रूप से दिव्यांग आगंतुकों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार पर लिफ्ट की सुविधा और दो रैंप होंगे। राय ने यह भी कहा कि अयोध्या में कुबेर टीला पर जटायु की मूर्ति स्थापित की गई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 26, 2023 05:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

