देश की खबरें | रामनवमी हिंसा : झारखंड में हिंसा में एक की मौत, 12 घायल जबकि मप्र के खरगौन में 77 गिरफ्तार

भोपाल/अहमदाबाद/रांची, 11 अप्रैल देश के कई हिस्सों में रामनवमी के कार्यक्रमों के दौरान हिंसा देखने को मिली। झारखंड के लोहरदगा में जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए, वहीं मध्य प्रदेश के खरगौन में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाना पड़ा और पुलिस ने वहां 77 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि खरगौन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ चौधरी को हिंसा में गोली लगी और उनके अलावा छह पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 24 लोग घायल हो गए। रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव और कुछ घरों तथा वाहनों में आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

गुजरात में आणंद जिले के खंभात में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा और पथराव में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इसी तरह की घटना के बाद साबरकांठा के हिम्मतनगर कस्बे में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है।

रामनवमी के जुलूस के दौरान इसी तरह की पथराव की घटना मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा कस्बे में सामने आई, जिसमें एक थाना प्रभारी और पांच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं और वामपंथी उदारवादियों को देश भर में रामनवमी मनाने वाले लोगों पर ‘‘हमले’’ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उनके अनुयायियों को हिंसा के मार्ग पर ले जाने के लिये उन्हें चेतावनी भी दी।

एक वीडियो संदेश में विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने रविवार को मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और जेएनयू में हुई हिंसा को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया और कहा कि यह सुनिश्चित करना हर किसी की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं न हों।

झारखंड के लोहरदगा जिले के हिरही भोक्ता बगीचा इलाके के पास रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा के दौरान हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गए।

अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) अरविंद कुमार लाल ने बताया कि लोहरदगा शहर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है और पूरे जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है।

इस दौरान 10 मोटरसाइकिल और एक वैन में आग लगा दी गई। जिला अधिकारियों और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में करीब एक घंटा लगा।

मध्य प्रदेश में खरगौन के जिलाधिकारी अनुग्रह पी के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार रविवार शाम की घटना के बाद से पूरे खरगौन शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। रविवार को जब रामनवमी का जुलूस खरगौन में तालाब चौक इलाके से शुरू हुआ तो जुलूस पर पथराव किया गया। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘दंगाइयों की पहचान कर ली गई है और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मध्य प्रदेश में दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं है।’’

खरगौन के जिलाधिकारी के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और नागरिकों को केवल चिकित्सा आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर खरगौन की घटना के आपत्तिजनक संदेश और वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि खरगौन में हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और राज्य सरकार किसी को भी राज्य में शांति भंग नहीं करने देगी।

मिश्रा, जो कि प्रदेश सरकार के प्रवक्ता भी हैं, ने कहा, ‘‘खरगौन में शांति बहाल कर दी गई है। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है... दंगाइयों की पहचान की जा रही है और उनमें से 77 को गिरफ्तार कर लिया गया है।’’ मिश्रा ने पुष्टि की कि पैर में गोली लगने से खरगौन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी घायल हो गए हैं।

मिश्रा ने कहा कि शिवम शुक्ला नामक एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज चल रहा है, जबकि अन्य सभी की हालत सामान्य है। मंत्री ने कहा कि बड़वानी के सेंधवा शहर में भी स्थिति नियंत्रण में है।

मिश्रा ने कहा, ‘‘जिन घरों से पथराव किया गया, उन्हें मलबे में बदल दिया जाएगा। राज्य सरकार का रुख स्पष्ट है और किसी को भी यहां शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’मंत्री ने दावा किया कि पांच राज्यों में हाल में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से आहत कुछ लोग अब हिंसा भड़का रहे हैं।

निमाड़ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) तिलक सिंह ने सोमवार सुबह पत्रकारों से कहा कि हिंसा में छह पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 24 लोग घायल हुए हैं और उनका उपचार किया गया है।

गुजरात में आणंद जिले के पुलिस अधीक्षक अजित राजियन के अनुसार, हिंसा और पथराव में कथित रूप से शामिल अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘खंभात शहर में स्थिति नियंत्रण में है। हमने नौ संदिग्धों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।’’

रविवार को हुई हिंसा में खंभात में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ स्थानीय मौलवी भी शामिल हैं।

वहीं, साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में रविवार को रामनवमी के मौके पर दो समुदायों के बीच इसी तरह की हिंसा में पथराव और झड़प की खबरें हैं।

साबरकांठा के जिलाधिकारी हितेश कोया ने रविवार शाम को एक आदेश जारी कर क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी, जिससे छपरिया क्षेत्र सहित शहर के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लग गया है। छपरिया क्षेत्र में आगजनी की घटना हुई थी।

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने इन घटनाओं को लेकर रविवार देर रात गांधीनगर में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई और आवश्यक आदेश दिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)