नयी दिल्ली, 28 जुलाई गोवा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य विनय दीनू तेंदुलकर को शुक्रवार को राज्यसभा से विदाई दी गई तथा सभापति जगदीप धनखड़ ने उनके योगदान और उच्च सदन में पहली बार कोंकणी में अपनी बात रखने के लिए उनकी सराहना की।
राज्यसभा में तेंदुलकर के कार्यकाल का आज आखिरी दिन था।
उन्हें विदाई देते हुए सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘‘जब हम में से कोई राज्यसभा से विदा होता है तो यह हमारे लिए भावुक क्षण होता है। आज हम गोवा के अपने सहयोगी विनय दीनू तेंदुलकर को विदाई दे रहे हैं।’’
तेंदुलकर जुलाई 2017 में उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।
धनखड़ ने तेंदुलकर को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया और कहा कि बतौर सामाजिक कार्यकर्ता और कलाकार उन्होंने अपनी पहचान स्थापित की और गोवा सरकार में बतौर केबिनेट मंत्री भी काम किया।
सभापति ने यह उल्लेख भी किया कि वर्ष 2020 में शून्यकाल के दौरान सदन में कोंकणी में भाषण देने वाले तेंदुलकर पहले व्यक्ति बने।
उन्होंने कहा, ‘‘और एक तरह से उन्होंने इतिहास बनाया।’’
तेंदुलकर ने शून्य काल के दौरान गोवा में बुल फाइटिंग को मुद्दा उठाया था। कोंकणी में बुल फाइटिंग को ‘धीरियो’ के नाम से जाना जाता है।
सभापति ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम और दोनों ही यादगार हैं।’’
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