तिरुवनंतपुरम, 10 अप्रैल केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सांसद शशि थरूर को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता पर हाल में एक टीवी चैनल पर उनके खिलाफ अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया है।
आगामी लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर और थरूर तिरुवनंतपुरम सीट पर आमने-सामने हैं जहां 26 अप्रैल को मतदान होना है।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता ने प्रमुख मतदाताओं और पादरियों जैसे प्रभावशाली लोगों को भाजपा उम्मीदवार द्वारा रिश्वत दिए जाने की ‘‘स्पष्ट रूप से गलत सूचना’’ फैलाई।
आरोप में कहा गया है कि थरूर ने ये बयान चंद्रशेखर की प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से दिए। इसमें कहा गया है कि थरूर की टिप्पणी ने तिरुवनंतपुरम के पूरे ईसाई समुदाय और उसके नेताओं का भी अनादर किया है, क्योंकि उन्होंने उन पर वोट के बदले नकदी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
आरोप में कहा गया है कि कांग्रेस सांसद के बयान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का भी उल्लंघन हैं।
नोटिस में दावा किया गया कि इन बयानों का लक्ष्य भाजपा नेता के प्रचार अभियान को नुकसान पहुंचाना और चुनाव में थरूर को फायदा पहुंचाना भी था।
इसमें थरूर से चंद्रशेखर के खिलाफ छह अप्रैल को लगाए गए सभी आरोपों को ‘‘तुरंत वापस लेने’’ और प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर उनसे सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि उन्हें भविष्य में मंत्री की ‘‘बदनामी करने, उन्हें परेशान करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने’’ से बचना चाहिए।
भाजपा उम्मीदवार ने चेतावनी दी कि बताई गई शर्तों का, नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पालन नहीं करने पर सक्षम अदालत में उचित आपराधिक और दीवानी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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