जयपुर, 30 अप्रैल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जनगणना में जाति आधारित जनगणना को शामिल करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जनगणना में जाति आधारित जनगणना को भी शामिल किए जाने का निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी है।’’
शर्मा ने कहा, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने न केवल दशकों तक सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना का घोर विरोध किया, बल्कि विपक्ष में रहते हुए भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर केवल राजनीतिक लाभ के लिए दोहरा मापदंड अपनाया। ’’
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘इस अभिनंदनीय निर्णय से समाज के वंचित वर्गों को न्याय मिलेगा, सामाजिक न्याय की स्थापना होगी और विकास की मुख्यधारा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद!’’
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ‘‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सामाजिक न्याय के लिए लगातार जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे।’’
गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘देश का वास्तविक विकास, समावेशी विकास तभी हो सकता है जब दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और शोषितों को विकास में वैज्ञानिक तरीके से हिस्सेदारी मिलेगी इसलिए श्री राहुल गांधी जातिगत जनगणना पर लगातार जोर दे रहे थे।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘आज मोदी सरकार की कैबिनेट को भी इस मांग पर मुहर लगानी पड़ी। अब 1931 के बाद करीब 94 साल बाद जातिगत जनगणना होगी।’’
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