राजस्थान: लॉकडाउन में बाल विवाह रोकने को लेकर प्रशासन बरत रहा अतिरिक्त सतर्कता
इस क्षेत्र में कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों से अब तक बाल विवाह की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
कोटा, 24 अप्रैल राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाहों को रोकने के लिए प्रशासन अतिरिक्ति सतर्कता बरत रहा है।
इस क्षेत्र में कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों से अब तक बाल विवाह की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
हाड़ौती क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अक्षय तृतीया को विवाह के लिए बहुत शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह कराया जाता है।
अक्षय तृतीया को आखा तीज के रूप में भी जाना जाता है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह का प्रचलन 89.4 प्रतिशत है जबकि राज्य के शहरी क्षेत्रों में 10.6 प्रतिशत है।
प्रशासन ने इन चारों जिलों में बाल विवाह की रोकथाम के लिए हर साल जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है साथ ही नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं।
बूंदी के एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के उप निदेशक भैरु प्रकाश नागर ने कहा, ‘‘इस साल अक्षय तृतीया के आसपास बाल विवाह के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है और जिले में सख्त लॉकडाउन के कारण बालविवाह होना संभव भी नहीं है।”
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता कोरोना वायरस के संबंध में सर्वेक्षण करने के लिए पहले ही इलाके के दौरे कर रही हैं और उन्होंने क्षेत्र में अब तक किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना नहीं दी है।
नागर ने कहा कि पिछले साल अक्षय तृतीया पर बूंदी में जिला नियंत्रण कक्ष को बाल विवाह के 48 मामलों की खबर थी।
कोटा के जिला कलेक्टर ओम कासरा ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिले में कोई बाल विवाह नहीं हो।
कोटा में चाइल्डलाइन समन्वयक अलका अजमेरा ने कहा, ‘‘हमें हर साल अक्षय तृतीया के आसपास जिले भर से बाल विवाह को लेकर बहुत सारे फोन कॉल आते हैं, लेकिन इस साल लॉकडाउन के कारण अब तक बाल विवाह के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।’’
वहीं कोटा रेलवे चाइल्डलाइन के समन्वयक भूपेन्द्र सिंह ने कहा, “ राजस्थान में बाल विवाह केवल कुछ लोगों की मौजूदगी में शांति से करवा दिए जाते हैं और इस समय सरकार का पूरा ध्यान कोविड-19 पर है इसलिए गांव वालों के लिए इस समय बाल विवाह करवाना काफी आसान होगा।”
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 09:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

