नयी दिल्ली, 10 जुलाई उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया जबकि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने बारिश प्रभावित राज्यों को ‘पीएम केयर्स फंड’ से राहत देने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है जहां भूस्खलन से चार और लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग फंसे हैं। उत्तर भारत में, दिल्ली में यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं। क्षेत्र में कई सड़कें और आवासीय इलाके घुटने तक पानी में डूब गए हैं। कई जगहों पर सैलाब में वाहन बहते नजर आए। रविवार को रिकॉर्ड बारिश के कारण नगर निकाय भी स्थिति सुधारने में असहाय नजर आए।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्याधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की। पीएमओ ने कहा, ‘‘स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही हैं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने मूसलाधार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कुछ अन्य राज्यों में हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि ‘पीएम केयर्स फंड’ से अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जानी चाहिए।
पुलिस ने बताया कि भूस्खलन से शिमला में चार और लोगों की जान चली गई। पर्वतीय राज्य में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण शिमला-कालका राजमार्ग सोमवार सुबह अवरुद्ध हो गया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले दो दिन में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 16 या 17 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मनाली में फंसे 20 लोगों को बचा लिया गया लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में 200 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
शिमला के ठियोग सब डिवीजन में सोमवार सुबह भूस्खलन के बाद मलबा के एक मकान पर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना पल्लवी गांव में हुई और मृतकों की पहचान दीप बहादुर, देवदासी और मोहन बहादुर के रूप में हुई है।
शिमला शहर के बाहरी इलाके राझना गांव में भूस्खलन के बाद मलबे में फंसी एक बुजुर्ग महिला का शव रविवार रात को निकाला गया। इससे कुछ घंटे पहले महिला की पोती का शव घटनास्थल से बरामद किया गया था।
राज्य में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, घरों को नुकसान पहुंचने और कई लोगों की मौत होने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने सोमवार को ‘अत्यंत भारी बारिश’ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
अधिकारियों ने बताया कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल शिमला-कालका मार्ग पर रेल परिचालन मंगलवार तक के लिए रोक दिया गया है क्योंकि भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार और मंगलवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
शिमला से लगभग 16 किमी दूर शोघी के पास सोमवार को भूस्खलन के बाद शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 120 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हैं जबकि 484 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
सुक्खू ने एक वीडियो में लोगों से अपील की कि वे भारी बारिश में घरों से बाहर निकलने से बचें, खासकर नदियों और नालों के पास, और अगले 24 घंटों तक सतर्क रहें क्योंकि मौसम विभाग ने भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने और संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए कहा।
खरगे ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और राज्य में जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘‘उत्तर भारत के राज्यों में बेतहाशा बारिश के कारण कई लोगों की मृत्यु दुखद व पीड़ादायक है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात हुई। राज्य में राहत कार्यों में तेज़ी आई है और मूसलाधार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए, ख़राब मौसम के बावजूद हरसंभव प्रयास जारी हैं।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में मूसलाधार बारिश के कारण हुए जलभराव और यमुना के बढ़ते जल स्तर पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की।
केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यमुना नदी के 206 मीटर के निशान को पार करते ही निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में संभवत: बाढ़ की स्थिति पैदा नहीं होगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न जिलों में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ तथा जलभराव की स्थिति की सोमवार को समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की आशंका के मद्देनजर ‘अलर्ट मोड’ में रहने के आदेश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ और भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति और सभी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश देते हुए प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रखने के आदेश दिये।
पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ। प्रभावित इलाकों में लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासन 24 घंटे काम कर रहा है।
पंजाब सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में 13 जुलाई तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। चंडीगढ़ में पिछले तीन दिन के दौरान मूसलाधार बारिश हुई और कुछ सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया।
भारी बारिश के कारण पंजाब में कुछ स्थानों पर बाढ़ आने के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि वे नहीं घबराएं। दोनों राज्यों में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मोहाली, पटियाला, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पंचकुला और अंबाला शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिन के लिए अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और गृह, आपदा प्रबंधन और शहरी स्थानीय निकायों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।
उन्होंने बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा भी लिया, जिसमें मुख्य सचिव संजीव कौशल भी मौजूद थे।
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