देश की खबरें | रेलवे ने यात्री से 'दुर्व्यवहार' के बाद कैटरिंग कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अनुबंध रद्द किया

नयी दिल्ली, आठ मई रेलवे ने एक खानपान सेवा प्रदाता कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसका सेवा अनुबंध समाप्त कर दिया तथा उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद की गयी जिसमें कथित तौर पर अधिक पैसे लेने की शिकायत करने पर एक यात्री के साथ उसके कर्मचारी दुर्व्यवहार करते नजर आए।

यात्री ने शिकायत निवारण तंत्र ‘रेलमदद’ पर शिकायत दर्ज कराई थी।

रेल मंत्रालय ने वीडियो सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। कैटरर पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।”

इसमें कहा गया, “जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस), कठुआ द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच के नतीजों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने भी होटल राजस्थान नामक फर्म को पिछले साल चार मई को पांच साल के लिए ट्रेनों में खानपान सेवाएं प्रदान करने के लिए दिया गया अनुबंध समय से पहले समाप्त करने का पत्र जारी किया।

आईआरसीटीसी के पत्र में कहा गया है कि यात्री के साथ मारपीट करने वाला कर्मचारी पवन कुमार था।

इसमें कहा गया है, “लाइसेंसधारी विक्रेता पवन कुमार ने आपराधिक तरीके से काम किया है, जिससे आईआरसीटीसी और भारतीय रेलवे की छवि धूमिल हुई है।”

जीआरपी कठुआ के अनुसार, 6-7 मई की रात को हेमकुंट एक्सप्रेस में यात्रा करते समय यात्री बलवान दास ने पानी की बोतल खरीदी और देखा कि खानपान सेवा प्रदाता ने न केवल 15 रुपये के बजाय 20 रुपये वसूले, बल्कि घटिया उत्पाद भी बेचा।

जीआरपी के एक अधिकारी ने फोन पर ‘पीटीआई-’ को बताया, “उन्होंने 139 (रेलमदद) पर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद कैटरिंग फर्म के कर्मचारी उनकी बर्थ पर आए और ट्रेन के पठानकोट स्टेशन के पास होने पर उनके साथ मारपीट की। कठुआ निवासी होने के कारण उन्होंने यहां उतरकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर हमने शून्य प्राथमिकी दर्ज की।”

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