नयी दिल्ली, चार अगस्त उच्चतम न्यायालय ने मोदी उपनाम पर टिप्पणी को लेकर 2019 में दायर मानहानि के मुकदमे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोष सिद्धि पर शुक्रवार को रोक लगा दी है जिससे उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है।
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मुकदमे की सुनवाई का घटनाक्रम....
-- 13 अप्रैल, 2019 - कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नीरव मोदी हो, ललित मोदी हो या नरेन्द्र मोदी, सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं?’’
-- 15 अप्रैल, 2019 - सूरत से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुर्णेश मोदी ने इस टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का फौजदारी मुकदमा दर्ज कराया।
-- सात जुलाई, 2019 - मानहानि मामले में राहुल गांधी पहली बार सूरत की मेट्रोपॉलिटन अदालत में पेश हुए।
-- 23 मार्च, 2023 : सूरत मेट्रोपॉलिटन अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि का दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई।
-- 24 मार्च, 2023 - अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने और दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद राहुल गांधी को संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
-- दो अप्रैल, 2023 : राहुल गांधी ने मेट्रोपॉलिटन अदालत के फैसले को सूरत की सत्र अदालत में चुनौती दी। यह मामला और दोष सिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध अभी अदालत में लंबित है।
-- 20 अप्रैल, 2023 : सूरत की सत्र अदालत ने राहुल गांधी को जमानत दी, लेकिन दोष सिद्धि पर रोक लगाने से इंकार किया।
-- 25 अप्रैल, 2023 : राहुल गांधी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की।
-- सात जुलाई, 2023 : गुजरात उच्च न्यायालय ने दोष सिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी।
-- 15 जुलाई, 2023 : राहुल गांधी ने गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी, दलील दी कि अगर इस पर स्थगन नहीं लगाया गया तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर करारा प्रहार होगा।
-- 21 जुलाई, 2023 : उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुजरात के मंत्री पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, लेकिन उनकी दोष सिद्धि पर स्थगन लगाने से इंकार किया।
-- चार अगस्त, 2023 : उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी की दोष सिद्धि पर रोक लगायी जिससे उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाली का रास्ता साफ हो गया है।
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