एजेंसी न्यूज

विदेश की खबरें | सीमा मुद्दे को ‘उपयुक्त स्थिति’ में रखें, दीर्घकालिक संबंधों पर ध्यान दें: चीन ने भारत से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन ने बुधवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उसने भारत से आग्रह किया कि वह सीमा मुद्दे को ‘उपयुक्त स्थिति’ में रखे और द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास के लिए आधी दूरी तय करे, जबकि आधी दूरी चीन तय करेगा।

विदेश की खबरें | सीमा मुद्दे को ‘उपयुक्त स्थिति’ में रखें, दीर्घकालिक संबंधों पर ध्यान दें: चीन ने भारत से कहा

बीजिंग, 21 अप्रैल चीन ने बुधवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उसने भारत से आग्रह किया कि वह सीमा मुद्दे को ‘उपयुक्त स्थिति’ में रखे और द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास के लिए आधी दूरी तय करे, जबकि आधी दूरी चीन तय करेगा।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने भारत के इन दावों के बारे में पूछे गये सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया कि सीमा पर शांति कायम रखने के लिए नेताओं के बीच बनी आम सहमति के महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने भारत-चीन संवाद फोरम पर अपने हालिया भाषण में कहा था कि दोनों देशों के नेताओं के बीच एलएसी पर शांति बनाकर रखने के लिहाज से बनी आम-सहमति को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की पूरी तरह वापसी की जरूरत बताई ताकि गंभीर घटनाओं से प्रभावित द्विपक्षीय संबंधों को फिर से संवारा जाए।

वांग से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने पैंगोंग सो इलाके से वापसी के बाद पूर्वी लद्दाख के बाकी इलाकों से सैनिकों की पूरी तरह वापसी के विषय पर गहन और स्पष्ट चर्चा की है।

दोनों सेनाओं के शीर्ष कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और डेपसांग इलाकों से सैनिकों की पूरी तरह वापसी के लिए नौ अप्रैल को 11वें दौर की वार्ता की थी।

वांग ने कहा, ‘‘चीन-भारत सीमा स्थिति के मुद्दे पर चीन का रुख स्पष्ट और सतत है। हम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को बचाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में दोनों पक्षों ने राजनयिक और सैन्य माध्यमों से वार्ताएं की हैं। गलवान घाटी और पैंगोंग सो क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के आधार पर दोनों पक्षों ने गहनता के साथ और खुले माहौल में सीमा के पश्चिमी हिस्से में बाकी के मुद्दों को सुलझाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

वांग ने कहा, ‘‘हाल में दोनों पक्षों ने राजनयिक और सैन्य रास्तों के लिए संवाद कायम रखा है। गलवान घाटी और पैंगांग सो क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी की तर्ज पर सीमा के पश्चिमी हिस्से में अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष गहराई से बातचीत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आधा रास्ता चीन तय करेगा और हमें उम्मीद है कि आधी दूरी भारत तय करेगा और हम द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास के व्यापक परिदृश्य पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे, सीमा के मुद्दे को ‘उचित स्थिति’ में रखेंगे और संबंधों को ठोस एवं निरंतर विकास के मार्ग पर लाने के लिए काम करेंगे।’’

मिस्री की टिप्पणियों से जुड़े एक सवाल पर वांग ने दोहराया, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत आधी दूरी तय करेगा और द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा, सैनिकों की वापसी के लिए बड़ी मुश्किल से हासिल हुई प्रगति को ध्यान में रखेगा, सीमा पर शांति कायम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा तथा ठोस एवं सतत विकास की खातिर द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने के लिए काम करेगा।’’

वांग से जब यह पूछा गया कि पैंगांग सो से सैनिकों की वापसी के बाद चीन अन्य इलाकों से अपने सैनिकों को वापस क्यों नहीं बुला रहा है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं जोर देकर यह बात कहना चाहता हूं कि हाल में चीन और भारत ने राजनयिक एवं सैन्य मार्गों के जरिए करीबी संवाद कायम कर रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौतों तथा दोनों पक्षों के बीच बनी आम सहमति का पालन करेगा और सीमा पर शांति को कायम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2021 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).