चंडीगढ़, 29 जुलाई पड़ोसी राज्यों की तुलना में ईंधन पर ऊंचे कर के विरोध में बुधवार को पंजाब में 3,400 से अधिक पेट्रोल पंप बंद रहे।
पेट्रोल पंप डीलरों ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल और डीजल पर ऊंचे मूल्य वर्धित कर (वैट) की वजह से अन्य राज्यों की तुलना में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में काफी अंतर है जिसकी वजह से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा, ‘‘पंजाब के करीब 3,400 पेट्रोल पंप डीलरों ने बुधवार को अपने पेट्रोल पंप बंद रखे।’’
सिंह ने कहा कि पंजाब में रोजाना पेट्रोल और डीजल की बिक्री क्रमश: 3,200 किलोलीटर और 10,00 किलोलीटर रहती है।
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पेट्रोल पंप बंद रहने से वाहन मालिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, फरीदकोट और फिरोजपुर सहित कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंप खुले रहे। पंजाब के पेट्रोलियम डीलरों ने अपने एक सदस्य की मृत्यु के बाद सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखने की घोषणा की थी।
कारोबार में नुकसान के बाद मोहाली के एक पेट्रोल पंप मालिक जी एस चावला ने 22 जुलाई को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।
पेट्रोल पंप डीलरों ने कहा कि चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की तुलना में पंजाब में पेट्रोल और डीजल काफी महंगा है।
पंजाब में कुल 3,450 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से दूसरे राज्यों की सीमाओं से लगते 800 जिलों मसलन मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर में हैं। ऊंचे वैट की वजह से इन पेट्रोल पंपों की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। सिंह ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पंपों की बिक्री आधी से भी कम रह गई है।
अजय
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