चंडीगढ़, 16 जून पंजाब पुलिस ने उस प्रवासी भारतीय पर कथित हमले के संबंध में रविवार को एक 'जीरो एफआईआर' दर्ज की, जिसने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में पार्किंग को लेकर लोगों के एक समूह ने उसे पीटा था।
यह व्यक्ति पंजाब मूल का प्रवासी भारतीय है।
पंजाब के प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर गहन जांच के लिए मामले में उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
पंजाब पुलिस ने भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और 148 (दंगा) के तहत 'जीरो एफआईआर' दर्ज की।
'जीरो एफआईआर' किसी भी पुलिस थाने में दर्ज की जा सकती है चाहे घटना किसी भी स्थान पर हुआ हो, और बाद में इसे संबद्ध पुलिस थाने में स्थानांतरित किया जा सकता है।
प्रवासी भारतीय ने आरोप लगाया है कि उसे हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में पार्किंग को लेकर लोगों के एक समूह ने पीटा था।
अमृतसर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे प्रवासी भारतीय कवलजीत सिंह ने दावा किया था कि पंजाबी होने के कारण उसे निशाना बनाया गया।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा है कि यह घटना किसी "अंतर-राज्यीय या अंतर-सामुदायिक विवाद" से जुड़ी नहीं है।
धालीवाल ने रविवार को उस अस्पताल का दौरा किया, जहां सिंह का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा, "मैंने पीड़ित परिवार से पुलिस को अपना बयान देने के लिए कहा है।"
धालीवाल ने कहा कि वह एक या दो दिन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से मिलेंगे और उन्हें प्राथमिकी के कागजात सौंपेंगे।
आरोपों के अनुसार, पार्किंग को लेकर बहस के बाद लगभग 100 लोगों के एक समूह ने कवलजीत पर हमला किया।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) संतोष पटियाल ने शनिवार को कहा था, "सिंह चंबा जिले के खजियार आए थे और कुछ महिलाओं की हस्तरेखा देख रहे थे। किसी व्यक्ति को यह कृत्य बुरा लगा और उनके बीच हाथापाई हो गई। बाद में दोनों पक्षों ने पुलिस के समक्ष समझौता कर लिया था।"
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