देश की खबरें | पंजाब : कोविड टीके की एक भी खुराक नहीं लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जाएगा

चंडीगढ़, 10 सितंबर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि स्वास्थ्य कारणों को छोड़कर यदि 15 सितंबर तक राज्य सरकार के कर्मचारियों ने कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक भी नहीं ली होगी, तो ऐसे कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से छुट्टी पर भेज दिया जाएगा।

एक आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यह कड़ा फैसला इसलिए लिया है ताकि लोगों को महामारी से बचाया जा सके। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जा सके कि टीका लगवा चुके लोग टीका नहीं लगवाने वाले लोगों की वजह से संक्रमित न हों।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय कोविड समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों के विश्लेषण से यह पता चला है कि टीके महामारी के खिलाफ प्रभावी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे कर्मचारी जो अभी भी टीका लगवाने से बच रहे हैं, उनको तब तक छ्ट्टी पर भेज दिया जाएगा, जब तक कि वे टीके की पहली खुराक नहीं लगवा लेते।

आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर लिए गए एक अन्य निर्णय में मुख्यमंत्री ने मौजूदा कोविड प्रतिबंधों को 30 सितंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है। पंजाब में किसी भी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा शादी समारोहों में अधिकतम 300 लोगों की मौजूदगी की हीअनुमति होगी। इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा।

इससे पहले बंद जगहों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम 150 लोगों जबकि खुले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में 300 लोगों के शामिल होने की अनुमति थी।

सिंह ने राजनीतिक दलों सहित आयोजकों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया कि त्योहार से संबंधित कार्यक्रमों में शामिल होने वाले सभी कर्मचारियों आदि का पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका हो या कम से कम टीके की एक खुराक ली गई हो।

मुख्यमंत्री ने त्योहारों के सीजन में सभी से निरंतर सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोगों को कोविड-19 संबंधी मानदंडों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की भी अपील की जबकि राज्य के पुलिस महानिदेशक को प्रतिबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इस बीच, सिंह ने स्कूलों के उन शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को काम पर लौटने की अनुमति दी, जिन्होंने चार सप्ताह से अधिक समय पहले टीके की कम से कम एक खुराक ली थी। हालांकि, इन कर्मचारियों को प्रति सप्ताह आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट दिखानी होगी।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने स्वास्थ्य विभाग को दिए कि मिठाई की दुकानों, कियोस्क, ढाबों आदि के सभी कर्मचारियों को कम से कम एक खुराक का टीकाकरण सुनिश्चित करे।

पंजाब में 57 प्रतिशत से अधिक पात्र आबादी का टीकाकरण किया जा चुका है, जिसमें पहली खुराक 1.18 करोड़ लोगों को दी जा चुकी है जबकि 37.81 लाख लोग टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान को तेज करने के भी निर्देश दिए।

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