चंडीगढ़, 10 जुलाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को राहत और बचाव उपायों का जायजा लेने के लिए वर्षा-प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने जलभराव वाले इलाकों से निकाले गए लोगों से बातचीत भी की।
मान ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को उनसे बात की। उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया दिया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और फिलहाल केंद्रीय सहायता की जरूरत नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो केंद्र से मदद मांगी जाएगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने भारी बारिश के कारण पिछले तीन दिन में फसलों, संपत्ति आदि के नुकसान का पता लगाने के लिए एक ‘विशेष गिरदावरी’ (सर्वेक्षण) कराने की बात भी कही है। इसके लिए उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
उधर, पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने भी स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक ली और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वर्मा ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों, उपायुक्तों, राज्य पुलिस प्रमुख, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री के विशेष मुख्य सचिव ए. वेणुप्रसाद भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए धन की कोई कमी नहीं है और राज्य के आपदा राहत कोष से तत्काल 33.50 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं।
बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि ने बताया कि भाखड़ा बांध में पानी का स्तर 1680 फुट की क्षमता के मुकाबले 1614.89 फुट पर है।
पोंग बांध में जलस्तर 1350.63 फुट है, जबकि क्षमता 1,390 फुट है। रणजीत सागर बांध में जलस्तर 1731.99 फुट की क्षमता के मुकाबले 1,706.26 फुट है।
वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षित निकासी में प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने बिजली और दूरसंचार विभाग से निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए कहा।
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