देश की खबरें | गलत चुनावी हलफनामा दाखिल करने की सजा बढ़ाकर दो साल की जानी चाहिए: संसदीय समिति

नयी दिल्ली, चार अगस्त संसद की एक समिति ने शुक्रवार को सुझाव दिया कि गलत चुनावी हलफनामा दाखिल करने पर सजा को मौजूदा छह महीने से बढ़ाकर अधिकतम दो साल किया जाना चाहिए, लेकिन जुर्माना केवल असाधारण मामलों में ही लागू किया जाना चाहिए, न कि मामूली गलतियों या अनजाने में हुई गलतियों के लिए।

जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 ए के अनुसार गलत हलफनामा दाखिल करने पर छह महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाली कानून एवं कार्मिक मामलों की स्थायी समिति ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए धारा 125ए के तहत सजा को बढ़ाकर अधिकतम दो साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया जाना चाहिए।

समिति का मानना है कि धारा 125 ए के तहत केवल छह महीने की मौजूदा सजा अपर्याप्त है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए। उसका मानना है कि सजा की गंभीरता अपराध की गंभीरता पर आधारित होनी चाहिए।

इसने कहा कि हालांकि, जुर्माना केवल 'असाधारण मामलों' में लागू किया जाना चाहिए और मामूली त्रुटियों या अनजाने में हुई गलतियों के लिए नहीं।

समिति ने कहा, "नए प्रावधान के तहत गलत हलफनामा दाखिल करना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन माना जाना चाहिए और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 100 की उपधारा 1 (डी) (4) के तहत चुनाव को अमान्य किया जा सकता है।"

धारा 100 चुनाव को अमान्य घोषित करने के आधार से संबंधित है।

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