मुंबई, 13 अगस्त पुणे की एक इमारत से गिरकर जान गंवाने वाली 23 वर्षीय युवती के पिता ने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अनुरोध किया है कि इस मामले में पुलिस जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। यह मौत कथित तौर पर महाराष्ट्र के एक मंत्री से जुड़ी हुई है।
महिला फरवरी 2021 में अपने घर की बालकनी से गिर गई थी और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता चित्रा वाघ ने 2021 में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी। वाघ ने महिला की मौत मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था। उन्होंने राज्य के तत्कालीन मंत्री संजय राठौड़ के भी मामले से जुड़े होने का आरोप लगाया था।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में राठौड़ मंत्री थे। उन्हें इस घटना के बाद इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि तत्कालीन विपक्षी भाजपा ने उनका नाम इस मौत से जोड़ने की कोशिश की थी।
राठौड़ ने आरोपों से इनकार किया था। वह मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सदस्य हैं और सत्तारूढ़ ‘महायुति’ सरकार में मंत्री हैं जिसकी भाजपा भी घटक है।
मृतका के पिता ने उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल की है। अधिवक्ता प्रणव बधेका ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
बधेका ने कहा कि महिला के पिता राहत नहीं मांग रहे लेकिन परिवार को बदनाम किया जा रहा था।
उन्होंने अदालत से कहा, ‘‘आवेदक (पिता) को किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। यह जनहित याचिका राजनीति से प्रेरित है। आवेदक की चार बेटियां हैं और जब भी यह मुद्दा मीडिया में आता है, तो उन्हें अपने ससुराल में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।’’
अदालत ने कहा कि वह इस आवेदन पर दो सितंबर को सुनवाई करेगी।
वाघ ने जनहित याचिका में दावा किया कि पुलिस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में विफल रही है। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का अनुरोध किया है।
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