जरुरी जानकारी | सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अप्रैल-दिसंबर में 1.29 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया

नयी दिल्ली, छह फरवरी सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत बढ़कर 1,29,426 करोड़ रुपये रहा। यह इस अवधि में अबतक का सर्वाधिक कुल शुद्ध लाभ है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने कुल 2,20,243 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ हासिल किया।

बयान के अनुसार इन बैंकों के प्रदर्शन में शुद्ध लाभ वृद्धि, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और पर्याप्त पूंजी बफर के निर्माण जैसे प्रमुख वित्तीय मापदंडों पर उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए अनुपात से भी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता का पता चलता है। पीएसबी ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 प्रतिशत की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की।

समीक्षाधीन अवधि में पीएसबी का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही।

बयान के अनुसार 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था।

मंत्रालय ने कहा, ''सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है।''

वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है।

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