देश की खबरें | उपराज्यपाल को डीडीएमए का अध्यक्ष बनाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर जुलाई में सुनवाई होगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह उपराज्यपाल को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) का अध्यक्ष बनाने वाले कानून को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा।
नयी दिल्ली, 19 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह उपराज्यपाल को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) का अध्यक्ष बनाने वाले कानून को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा।
साथ ही न्यायालय दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के नागरिकों का इलाज करने संबंधी आदेश को पलटने वाले उपराज्यपाल के फैसले को रद्द किए जाने की मांग पर भी सुनवाई करेगा।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायाधीश प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि इस मामले में वह किसी को नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं और नौ जुलाई तक इसे स्थगित कर रहे हैं।
सुनवाई के दौरान, उपराज्यपाल की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता संजय जैन ने कहा कि वर्तमान संकट के दौरान दिल्ली सरकार और डीडीएमए साथ मिलकर काम कर रही थीं।
वकील धीरज कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई कि उपराज्यपाल ने डीडीएमए के अध्यक्ष के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के संसाधनों के इस्तेमाल की अनुमति दूसरे राज्यों के निवासियों को दी जोकि उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है।
याचिका में आपदा प्रबंधन कानून (डीएमए) 2005 के अंतर्गत आने वाले उस प्रावधान को रद्द करने की मांग की गई, जिसके तहत उप राज्यपाल को डीडीएमए का अध्यक्ष बनाया गया है।
साथ ही कहा गया कि अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री ही ऐसे संस्थानों का नेतृत्व करते हैं।
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