जरुरी जानकारी | उप्र में धर्म स्थलों के विकास के लिए बजट में धनराशि का प्रावधान, धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा

लखनऊ, 20 फरवरी उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रमुख धर्म स्थलों के विकास के लिए बजट में धनराशि का प्रावधान किया है और इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनुयादी सुविधाओं के विकास में बजट का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और बुनियादी ढांचे तथा धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने के लिए भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा पेश की।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार का नेतृत्व संभालने के बाद से ही धर्म स्थलों के विकास पर जोर दिया है। 2017 के बाद से ही अयोध्या में दीपोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली तथा ब्रज के होलिकोत्सव को सरकार ने प्राथमिकता दी।

बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने पत्रकारों से कहा कि श्री बांके बिहारी जी मंदिर, मथुरा-वृन्दावन गलियारे के निर्माण व भूमि क्रय हेतु 150 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि मिर्जापुर जिले के त्रिकोणीय क्षेत्र में परिक्रमा पथ एवं जन सुविधाओं के विकास हेतु भूमि खरीद व निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, इनमें 100 करोड़ रुपये भूमि खरीद और 100 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नैमिषारण्य में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये तथा वेद विज्ञान केन्द्र की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा चित्रकूट में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

बजट में जनोपयोगी संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विंध्याचल धाम मंडल में मां विंध्यवासिनी राज्‍य विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है।

धार्मिक स्‍थलों ने उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है।

खन्‍ना ने बताया कि वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर तक राज्य में कुल 65 करोड़ से अधिक पर्यटक आये, जिनमें से करीब 14 लाख विदेशी पर्यटक थे।

आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के लिए 400 करोड़ रुपये, मथुरा के लिए 125 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य के लिए 100 करोड़ रुपये और चित्रकूट के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा में सुधार के लिए प्रमुख राज्य तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सुविधाओं के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

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