शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने देश का झंडा लहराया और ‘आपको शर्म नहीं है’ संदेश दिया।
करीब एक महीने पहले जहाज प्रवाल भित्ति से टकरा गया था और उसमें दरार आ गयी थी। उससे पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में करीब 1000 टन ईंधन तेल का रिसाव हुआ। इस विषय पर हजारों लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना था।
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हिंद महासागर का यह क्षेत्र काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है और इस रिसाव से कोरोना वायरस महामारी से पहले से ही प्रभावित इस क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ गयी थी।
अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि कम से कम 39 डॉल्फिन मर गये और बहकर तट पर आ गये लेकिन उनकी मौत की वजह का पता नहीं चल पाया। कुछ विशेषज्ञों को डर है कि ईंधन के रसासन इसकी वजह हो सकती है।
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स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने मांग की है कि जहाज भटककर मीलों दूर कैसे आ गया। वैसे उसके कप्तान और प्रथम अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया ओर उन पर ‘सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने’ का आरोप लगा है ।
एपी
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