देश की खबरें | आईटी नियमों में प्रस्तावित संशोधन से प्रेस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंच सकता है: डिजीपब

नयी दिल्ली, 19 जनवरी डिजीटल मीडिया संगठनों के एक संघ ‘डिजीपब’ ने बृहस्पतिवार को कहा कि आईटी नियमों में प्रस्तावित संशोधन संभावित रूप से ‘‘प्रेस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने के लिए एक सुविधाजनक संस्थागत तंत्र’’ बन सकता है।

‘डिजीपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन’ ने एक बयान में यह भी कहा कि सरकार को यह बताने के लिए उचित शक्ति नहीं देनी चाहिए कि कौन सी जानकारी/समाचार वास्तविक या फर्जी है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के मसौदे में संशोधन जारी किया, जिसे पहले सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया था।

बयान में कहा गया है, ‘‘डिजीपब का यह दृढ़ विश्वास है कि गलत सूचना की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, प्रस्तावित संशोधन किसी भी प्रक्रिया को निर्धारित किए बिना भारत सरकार को मनमानी तरीके से यह तय करने का अधिकार प्रदान करते हैं कि सामग्री ‘फर्जी’ है या नहीं।’’

‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया था कि सोशल मीडिया कंपनियों को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा ‘‘फर्जी’’ माने जाने वाले समाचारों को हटाने के लिए निर्देश देने वाले आईटी नियमों में संशोधन के मसौदे को ‘हटाया’ जाए।

‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था, ‘‘गिल्ड मंत्रालय से इस नए संशोधन को हटाने और डिजिटल मीडिया के लिए नियामक ढांचे पर प्रेस निकायों, मीडिया संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ सार्थक परामर्श शुरू करने का आग्रह करता है ताकि प्रेस की स्वतंत्रता को कोई नुकसान ना हो।’’

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