जरुरी जानकारी | देश के जीडीपी के बेहतर आकलन के लिये डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दें: सीतारमण

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नयी दिल्ली, छह नवंबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटलीकरण बढ़ने से देश की आर्थिक वृद्धि के बेहतर आकलन में मदद मिलेगी। उन्होंने कर पेशेवरों से अपने ग्राहकों को डिजिटल तरीके से भुगतान करने के लिये प्रोत्साहित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि देश में जिस दल की भी सरकार हो, वह कर दायरा बढ़ाने का प्रयास करती है। कर राजस्व बढ़ाने के प्रयास के साथ कर बोझ कम करती है। कर पेशेवर करदाताओं द्वारा समय पर अनुपालन सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।

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सीतारमण ने ‘ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिसनर्स’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कर सम्मेलन 2020 में कहा, ‘‘अगर कोई बहुत छोटी राशि है और उसके लिये डिजिटल तरीका नहीं अपनाया जा सकता, तो कोई बात नहीं। लेकिन, डिजिटल तरीके से भुगतान करने के लिये हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे हर लेन-देन नोटिस में आता है।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि जब तक वाणिज्यिक लेन-देन नजर रखे जाने वाली व्यवस्था में नहीं आते, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कमतर आकलन होगा।

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उन्होंने कहा, ‘‘अगर सभी लेन-देन इस रूप से हो, जिससे वे नजर में आये, आपका जीडीपी भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत के अनुरूप हो सकता है।’’

सीतारमण ने यह भी कहा कि कर पेशेवर आज काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे करदाताओं को शिक्षित करते हैं, उन्हें परामर्श देते हैं, कर देनदारी से निपटने के बेहतर उपायों के बारे में बताते हैं तथा उन्हें योजना बनाने में मदद करते हैं। ‘‘अगर आप उन्हें (करदाताओं) डिजिटल तारै-तरीकों के उपयोग के लिये कहेंगे, तो आप देश की मदद करेंगे। इससे सकल घरेलू उत्पाद के संदर्भ में बेहतर आकलन हो सकेगा।’’

मंत्री ने कहा कि भारत जैसे उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश में सरकार का प्रयास कर दायरा बढ़ाने के साथ-साथ कर बोझ कम करने का भी होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘...सरकार अकेले यह काम नहीं कर सकती।’’

सीतारमण ने कहा कि यहां पर कर पेशेवरों की भूमिका सामने आती है। ‘‘यानी सरकार के लिये राजस्व सृजन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि कर पेशेवर सरकार तथा करदाताओं के बीच की कड़ी हैं, अत: उन्हें अनुपालन के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी हैं।

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने कराधान को सरल बनाने के लिये कई कदम उठाये हैं और नागरिकों पर कर अनुपालन तथा कर भुगतान, दोनों मामलों में बोझ को कम किया गया है।

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