जरुरी जानकारी | ऑडिट के लिये अपनायी गयी प्रक्रियाओं, साक्ष्यों को रिकॉर्ड में रखना जरूरी: एनएफआरए प्रमुख

नयी दिल्ली, सात अगस्त राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) के चेयरमैन अजय भूषण प्रसाद पांडेय ने सोमवार ऑडिट के लिये अपनायी गयी प्रक्रियाओं, साक्ष्यों आदि को रिकॉर्ड में लाने (ऑडिट दस्तावेजीकरण) की जरूरत बतायी।

एनएफआरए लेखा परीक्षक पेशे पर नजर रखने और लेखा मानकों तथा ऑडिट नियमों पर सरकार को परामर्श देने वाला निकाय है।

‘ऑडिट: कंपनी संचालन का स्तंभ’ विषय पर आयोजित एक वेबिनार में उन्होंने कहा कि लेखा परीक्षकों के हित में यह महत्वपूर्ण है कि ऑडिट में अपनाये गये तौर-तरीकों का बेहतर तरीके से रिकॉर्ड में रखा जाए। यानी उसे दस्तावेज का रूप देना जरूरी है।

पांडेय ने कहा, ‘‘अगर आपने ऑडिट का दस्तावेजी रूप (ऑडिट के तौर-तरीकों, प्राप्त साक्ष्यों और निष्कर्षों को दस्तावेजी रूप देना) तैयार किया है, तब आप जरूरत पड़ने पर अपने कार्यों को सही ठहरा सकते हैं। अगर कोई सवाल उठाया जाता है, दस्तावेज ही आपके काम को सही ठहराएगा।’’

उन्होंने कहा कि अगर ऑडिट का ‘दस्तावेजीकरण’ सही तरीके से नहीं हुआ है, तो यह ऑडिटर को कठिनाई में डाल सकता है।

एनएफआरए प्रमुख ने यह भी कहा कि प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की बढ़ती संख्या के बीच कंपनी संचालन की बेहतर गतिविधियां महत्वपूर्ण है।

ऑडिट नियामक के दायरे में लगभग 7,000 कंपनियां हैं। इनमें गैर-सूचीबद्ध कंपनियां भी शामिल हैं।

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